पखांजूर। ग्राम पंचायत बैंकण्ठपुर की सरपंच श्रीमती सरिता उसेंडी को आर्थिक अनियमितता और कार्यों में लापरवाही के आरोपों के चलते पद से हटा दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40(1)(ख) के तहत 20 फरवरी 2026 को यह आदेश जारी किया।
मिली जानकारी के अनुसार बैंकण्ठपुर के जतन विश्वास सहित 37 ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ पंचायत कार्यों में गड़बड़ी और लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर गठित जांच दल ने पंचायत के कार्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच की, जिसमें 22 शिकायत बिंदुओं में से 5 बिंदुओं पर अनियमितता पाई गई।
जांच में यह सामने आया कि वर्ष 2022-23 में 15वें वित्त आयोग से पंचायत को 22 लाख 28 हजार 613 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी, जिसमें से लगभग 17 लाख 9 हजार 153 रुपये खर्च दर्शाए गए, लेकिन कई कार्यों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा खेल मैदान समतलीकरण कार्य में करीब 4,500 रुपये का काम होने के बावजूद 48,500 रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया, जिसमें लगभग 44 हजार रुपये के गबन का आरोप लगाया गया।
शिकायत में यह भी बताया गया कि शौचालय एवं सेप्टिक टैंक निर्माण के लिए करीब 1 लाख 87 हजार 600 रुपये स्वीकृत होने के बावजूद लंबे समय तक कार्य शुरू नहीं किया गया। बाद में जल्दबाजी में कराया गया निर्माण भी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। वहीं पंचायत खाते से 75 हजार रुपये किसी अन्य व्यक्ति को बिना बिल-वाउचर के भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
सुनवाई के दौरान सरपंच पक्ष ने कुछ कार्य पूर्व सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत होने की दलील दी, लेकिन जांच अधिकारी ने पाया कि राशि का आहरण वर्तमान कार्यकाल में हुआ और कार्यों में लापरवाही बरती गई। इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और लोकहित के विपरीत माना गया।
इसी आधार पर एसडीएम पखांजूर ने आदेश जारी कर सरिता उसेंडी को सरपंच पद से पदमुक्त कर दिया। साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि आदेश की तिथि से वे पंचायत सदस्य भी नहीं रहेंगी तथा अगले छह वर्षों तक किसी भी पंचायत पद के लिए अयोग्य रहेंगी। संबंधित राशि की वसूली के लिए भी आगे कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अनियमितताओं के आरोप में बैंकण्ठपुर की सरपंच सरिता उसेंडी पद से बर्खास्त, जांच में गड़बड़ी उजागर



