रायगढ़। जिले में पिछले साल 18 मार्च 2025 की रात पान ठेला से घर लौट रही 6 साल की बालिका को आइसक्रीम खिलाने के बहाने दुकान अंदर ले जाकर गंदी हरकत करने वाले आरोपी सूरज निषाद को अदालत ने आजीवन सश्रम और जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीडि़ता के मां ने महिला थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि पति के देहांत होनें के बाद वह दूसरे के घर में झाडु पोछा करके अपनी दो बेटियां एक 10 साल और दूसरी 6 साल की परवरिश करते आ रही है। पीडि़ता की मां ने यह भी बताया कि जेठ के पान ठेला में उसकी छोटी बेटी आना जाना करती है। 18 मार्च 2025 की रात करीब साढ़े 10 बजे उसके छोटी बेटी रोते हुए घर पहुंची। जिससे पूछताछ करने पर बताया कि पाव भाजी दुकान में काम करने वाले सूरज निषाद 23 साल, निवासी जतरी ने उसे आईसक्रीम खिलाउंगा कहकर दुकान के अंदर ले गया और उसके साथ गंदी हरकत करने लगा। पीडि़ता की मां की शिकायत के बाद महिला थाना में आरोपी के खिलाफ धारा 65 (2) बीएनएस धारा 4 लैंगिक अपराधों में बालको का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय एफटीएससी पॉक्सो के विद्वान न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात आरोपी को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास, शेष प्राकृत जीवन के कारावास की सजा के साथ-साथ 5 हजार रूपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।



