रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट से पहले कांग्रेस भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि, जनहित के मुद्दों पर सरकार को सडक़ से लेकर सदन तक घेरने रणनीति बनाई गई। उन्होंने कहा कि, साय सरकार का तीसरा बजट दुर्गति का होगा।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि, कोर्ट में मामला होने के बाद सरकार धर्मांतरण को लेकर कानून ला रही है। उसका हम विरोध करेंगे। डॉ महंत ने कवासी लखमा को सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद दिया। कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि, सरकार एक तरफ नक्सलियों को सफाया कर रही है, लेकिन वहां का विकास कौन करेगा। सरकार या बड़े उद्योगपति। इसमें कैसे आंदोलन करना, इसको लेकर राजनीति बना रहे हैं। धान खरीदी की व्यवस्था में इस बार जितनी गड़बड़ी और लापरवाही देखने को मिली, वो पहले कभी नहीं दिखी। इस मामले को सदन में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि, स्ढ्ढक्र में वोट कटने के मामले को भी उठाएंगे। टारगेट कर वोट कटे गए हैं।
23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक चलेगा। कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण होगा। जिसमें सरकार की उपलब्धियां और आगामी योजनाओं का खाका पेश किया जाएगा। सत्र के दौरान तीन प्रमुख विधेयक पेश किए जाएंगे। जिनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 प्रमुख है। यह विधेयक 1968 के पुराने कानून को बदलकर जबरन मतांतरण पर कठोर सजा का प्रावधान करेगा। धोखाधड़ी या प्रलोभन के मामलों में 10 साल तक की जेल का प्रावधान किया जा सकता है। सरकार ने ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर इसका मसौदा तैयार किया है।
2,813 सवालों से गर्म रहेगा सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, सत्र के लिए कुल 2,813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें 1,437 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 112 याचिकाओं पर भी विचार किया जाएगा।
आज पेश होगा साय सरकार का तीसरा बजट
24 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह साय सरकार का तीसरा बजट होगा। सरकारी सूत्रों का दावा है कि, यह बजट सिर्फ वित्तीय आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि ‘विजन 2047’ की दिशा में पहला ठोस कदम साबित होगा। महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर खास फोकस रहेगा।
सरकार को सडक़ से सदन तक घेरेंगे-चरणदास
धर्मांतरण-कानून, धान खरीदी, वोट कटने का मुद्दा उठाएंगे, बस्तर में विकास कौन करेगा सरकार या बड़े-उद्योगपति



