रायगढ़. जिले में फिर एक हाथी शावक का शव जंगल में मिला है। शव के पास बड़े हाथियों के पैरों के निशान भी मिले हैं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उक्त घटना तमनार वन परिक्षेत्र की है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार तमनार रेंज के झिंगोल बीट के कक्ष क्रमांक 838 आरएफ में शनिवार को हाथी शावक का शव सबसे पहले ग्रामीणों ने देखा तो इसकी सूचना वन विभाग को दिया। इससे तमनार एसडीओ आशुतोष मंडवा, रेंजर विक्रांत कुमार और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर जांच शुरू किया तो वहां आसपास हाथियों के पैरों के निशान मिले। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शावक के साथ हाथियों का झुंड भी मौजूद था जो हाथी शावक को काफी देर तक उठाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने घटना स्थल के पास काफी जांच किया लेकिन वहां करंट वाला तार या अन्य संदिग्ध गतिविधियां नहीं मिला। इससे मृत हाथी शावक का पंचनामा दर्ज किया गया था, और रविवार को पोस्टमार्टम उपरांत शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं डाक्टरों की टीम ने शुरुआती जांच में हाथी शावक के शरीर में कमजोरी होने की बात कही जा रही है, लेकिन असली कारण पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
तमनार रेंज में 5 माह में 3 हाथी की मौत
रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज में पूरे साल हाथियों की मौजूदगी रहती है। पिछले करीब 5 महीनों में यहां 3 हाथियों की मौत हो चुकी है। अक्टूबर में केराखोल के जंगल में एक हाथी की मौत करंट लगे तार की चपेट में आने से हुई थी। इसके अलावा एक हाथी के बच्चे की मौत चट्टानों में फंसने से हो गई थी। अब फिर एक हाथी के बच्चे का शव जंगल में मिला है।
हाथियों के झुंड पर रख रहे नजर
इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथी शावक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले और न ही आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि मिली है। ऐसा लगा रहा है कि कमजोरी के कारण उसकी जान गई होगी, लेकिन पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। तमनार रेंज के सामारूमा क्षेत्र में 26 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिससे विभाग इन पर लगातार नजर बनाए हुआ है।



