पखांजूर। बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। कुरेनार क्कङ्क-103 गांव में एक कथित ठेकेदार द्वारा फर्जी तरीके से बिजली पोल और लाइन स्थापित कर ग्रामीणों से लगभग 2 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मधु व्यापारी नामक ठेकेदार ने करीब 9 महीने पहले गांव में तीन ट्रांसफार्मर लगाने तथा नियमित बिजली आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन देकर ग्रामीणों से रकम वसूली। आरोप है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति और विभागीय स्वीकृति के गांव में बिजली पोल गाड़े गए तथा बिजली के तार भी बिछा दिए गए। ग्रामीणों को विश्वास दिलाया गया कि जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा कार्य लंबे समय तक संबंधित विभाग की जानकारी के बिना या उसकी निगरानी में चलता रहा, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। करीब 9 महीने बाद विद्युत विभाग को इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, जिसके बाद विभाग ने अब अवैध रूप से लगाए गए बिजली पोल और तार हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच की जाती तो उनकी मेहनत की कमाई ठगी से बच सकती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विभाग सीधे बिजली लाइन हटाने पहुंच गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि बिना विभागीय अनुमति के गांव में बिजली पोल लगाने का कार्य किसकी निगरानी या सत्यापन में हुआ। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, वसूली गई राशि की वापसी तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बिजली कनेक्शन के नाम पर ठगी, 9 महीने बाद खुली पोल
फर्जी बिजली लाइन बिछाकर लाखों की वसूली, ग्रामीणों में भारी नाराजग़ी, ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल, बिना अनुमति लगाए बिजली पोल, लाखों की वसूली का मामला उजागर



