रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण ने 14 बैंकों को फाइनल एम्पैनलमेंट में शामिल किया है। अब रेरा के तहत पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं के अलग खाते इन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएंगे। रेरा अधिनियम के प्रभावी पालन के लिए सीजी रेरा ने 3 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को प्रोविजनल पैनल में रखा था। सभी जरूरी शर्तें और प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अब 14 बैंकों को अंतिम सूची में शामिल किया गया है। क्यों लिया गया फैसला इस पहल का उद्देश्य रेरा प्रोजेक्ट्स के पैसों के इस्तेमाल में पारदर्शिता लाना और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है। इससे परियोजनाओं के फंड का सही उपयोग होगा और घर खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
सीजी रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता रेरा प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है। फाइनल पैनल बनने से प्रोजेक्ट खातों की निगरानी मजबूत होगी, घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर अधिक व्यवस्थित व विश्वसनीय बनेगा। सीजी रेरा ने कहा है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए ऐसी पहलें आगे भी जारी रहेंगी। ये बैंक हुए शामिल फाइनल पैनल में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक शामिल हैं।
सीजी रेरा में 14 बैंक फाइनल पैनल में शामिल
इन्हीं में खुलेंगे रेरा प्रोजेक्ट के अलग खाते



