रायगढ़। जिले की कमान संभालते ही अवैध शराब, जुआदृसट्टा, देह व्यापार एवं असामाजिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए 48 घंटे का विशेष महा अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से पुलिस टीमों को तैनात कर एक साथ दबिश दी गई। अभियान के दौरान पुलिस ने जिलेभर से कुल 214 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार वारंटियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया है।
अभियान की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य के बाहर तक जाकर फरार वारंटियों की पतासाजी की और उन्हें पकडक़र रायगढ़ लाया गया। लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से बचना अब संभव नहीं है।
इस विशेष अभियान में तमनार पुलिस ने सर्वाधिक सफलता अर्जित करते हुए 26 स्थायी एवं 2 गिरफ्तारी वारंट तामील किए। इसी क्रम में वर्ष 2004 के मारपीट एवं चोरी प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी साधुराम राठिया पिता जगन्नाथ राठिया निवासी टांगरघाट थाना तमनार को 22 वर्ष बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी पंजाब प्रांत में छिपकर रह रहा था और हाल ही में गांव लौटने की सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह एवं एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि फरार आरोपियों एवं वारंटियों के विरुद्ध इसी तरह सघन कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फरार वारंटियों की धरपकड़ जोरो पर
214 फरार वारंटी गिरफ्तार, सभी को भेजा गया जेल, तमनार पुलिस रही अव्वल-26 स्थायी एवं 2 गिरफ्तारी वारंट तामील, वर्ष 2004 का फरार वारंटी 22 साल बाद धराया



