रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.व्ही.राव के मार्गदर्शन में विकास खंड रायगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक शालाओं के 37 संकुलों को 6 जोन में विभाजित कर सभी प्रधान पाठकों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढऩे-लिखने और गणितीय दक्षता को बढ़ाने के लिए गतिविधि आधारित रणनीतियों पर चर्चा करना रहा। इस दौरान कार्यशाला के माध्यम से विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन भी किया गया।
बैठक में कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों की पठन क्षमता का विश्लेषण किया गया, जिसमें यह देखा गया कि कितने बच्चे अटक-अटक कर पढ़ते हैं, कितने पढ़ नहीं पाते और कितने धाराप्रवाह हिंदी पठन में सक्षम हैं। इसी तरह गणित में जोड़, घटाव, गुणा और भाग की समझ रखने वाले बच्चों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। इन आंकड़ों के आधार पर बच्चों के लिए नियमित पठन समय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह सुझाव दिया गया कि विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर को सक्रिय किया जाए, जहाँ बच्चे कहानी पढ़ें, अपनी भाषा में सुनाएँ और पढ़ी गई कहानी को अपने शब्दों में लिखें। साथ ही साझा पठन और समूह पठन जैसी गतिविधियों को नियमित रूप से अपनाने पर बल दिया गया। शिक्षकों को बच्चों के साथ मिलकर हावभाव के साथ कहानी पढऩे और सुनाने की सलाह दी गई, जिससे बच्चों की पठन, लेखन और मौखिक अभिव्यक्ति की दक्षता में वृद्धि हो सके। सत्र के निरीक्षण के लिए पहुँचे बीईओ श्री संजय पटेल ने प्रधान पाठकों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों की पढऩे की दक्षता में हर हाल में सुधार होना चाहिए, तभी वर्ष 2027 तक एफएलएन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। वहीं बीआरसीसी श्री मनोज अग्रवाल ने संकुल बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षात्मक समीक्षा करते हुए एफएलएन प्राप्ति के लिए प्रभावी और व्यावहारिक रणनीतियाँ तैयार करने पर जोर दिया।
एफएलएन लक्ष्य की दिशा में प्रधान पाठकों की संकुल स्तरीय बैठक आयोजित
2027 तक एफएलएन प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति पर जोर, 2027 तक एफएलएन प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति पर जोर



