धरमजयगढ़। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में इन दिनों आधी रात के बाद काम शुरू किया जा रहा है। अंधेरा घना होने पर जंगल में जेसीबी मशीन से सीपीटी निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिस तरीके से बेधडक़ होकर इस कारनामे को अंजाम दिया जा रहा है, ऐसे में स्थानीय अमले की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में बिना पंजीयन नंबर की जेसीबी मशीनों का उपयोग अवैध और नियम विरुद्ध कार्यों में होने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीपीटी, जंगल कटाई, भूमि समतलीकरण और मनरेगा जैसे संवेदनशील कार्यों में मशीनों के उपयोग की शिकायतें मिलती रही हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मानो मौन साधे हुए हैं। ताजा मामला ओंगना से तेंदुमार के बीच चल रहे वन विभाग के सीपीटी गड्ढा कार्य से जुड़ा है, जहां नियमों के अनुसार श्रमिकों से कराए जाने वाले काम में जेसीबी मशीन लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
कार्य स्थल पर जेसीबी आधी रात को खड़ी मिली, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। जब ड्राइवर और जेसीबी चालक से इतनी रात को वहां मौजूद होने का कारण पूछा गया, तो चालक ने मिट्टी खुदाई के लिए आने की बात कही, जबकि सहायक ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। दोनों के बयानों में विरोधाभास ने संदेह की जड़ों को और मजबूत कर दिया। इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद न तो वन विभाग, न परिवहन विभाग और न ही प्रशासनिक अमला सक्रिय नजर आ रहा है।
मजदूरों की कमी का हवाला देकर मशीनों से काम कराना नियमों की खुली अनदेखी मानी जा रही है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते दिख रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं, तो प्रशासन की चुप्पी यह संकेत देती है कि या तो निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।
ऐसे में प्रशासनिक उदासीनता के कारण न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि शासकीय धन के दुरुपयोग और पर्यावरणीय क्षति की आशंकाएं भी बढ़ रही हैं। अब जरूरत है कि उच्च स्तर पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और बिना नंबर की जेसीबी के उपयोग, जिम्मेदार अधिकारियों तथा कथित ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
जेसीबी से हो रहा सीपीटी निर्माण कार्य, जिम्मेदार मौन !
अंधेरा घना होते ही जंगल में चल रहा बुलडोजर



