रायगढ़। महापौर के गृह वार्ड में विगत सप्ताहभर पहले गुणवत्ताविहीन सडक़ का निर्माण हुआ था, जिसको लेकर मोहल्लेवासियों ने विरोध शुरू कर दिया था। जिसको लेकर अब उक्त ठेकेदार द्वारा सडक़ को उखाडकऱ फिर से बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि शहर के वार्ड नंबर 38 सोनूमुड़ा से लेकर वार्ड नंबर 37 और 42 तक जोडऩे वाली सडक़ का विगत सप्ताहभर पहले बीटी निर्माण किया जा रहा था, ताकि लोगों को खराब सडक़ की समस्या से छुटकारा मिल सके। साथ ही नगर निगम द्वारा करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से इस सडक़ का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसको लेकर क्षेत्र के पूर्व पार्षद और मोहल्लेवासियों ने विरोध शुरू कर दिया।
ऐसे में जब मामला गरमाने लगा तो इसकी जानकारी महापौर जीवर्धन चौहान को मिली तो उन्होंने सडक़ की जांच कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार को सडक़ में किए गए डामरीकरण को उखाडकऱ अब फिर से सडक़ निर्माण का काम शुरू किया गया है। वहीं पूर्व पार्षद मुरारी भट्ट ने कहना है कि यह सडक़ वार्ड नंबर 38 को 37 और 42 तक बजरंग डीपा से जोड़ती है। जो लगभग 10-12 साल पहले यहां सीमेंट रोड बनी थी, लेकिन समय के साथ उक्त सडक़ खराब होने पर उसे बनाने का लगातार मांग की जा रही थी, ऐसे में निगम द्वारा राशि पास होने पर उसी सडक़ के ऊपर बीटी सडक़ बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन गुणवत्ताविहिन होने के कारण मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को दोबारा बनाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद अब सडक़ को फिर से उखाड़ कर बनाने का काम शुरू हुआ है।
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क्या कहते हैं महापौर
- इस संबंध में महापौर जीवर्धन चौहान ने बताया कि यह उनका गृह वार्ड है। वहां बीटी सडक़ में खराब गुणवत्ता का निर्माण होने की जानकारी मिलने के बाद ठेकेदार और इंजीनियर को नोटिस जारी करते हुए कहा कि काम करने और काम कराने दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सडक़ को दोबारा बनाया जाएगा और जब तक निर्माण संतोषजनक नहीं होगा तब तक संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जाएगा।



