रायगढ़। मंत्रालय से अच्छी जान-पहचान का झांसा देकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपए ठगी के मामले में पीडि़त के शिकायत पर पुसौर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम घुघवा निवासी कुंजबिहारी पटेल ने पुसौर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि ग्राम गोपालपुर चंद्रपुर निवासी दुर्गा पाणिग्राही का परिवार उनके गांव का कुल पुरोहित है, इससे उनका आना-जाना हमेशा लगा रहता है। दुर्गा पाणिग्राही के पुत्र सितेश पाणिग्राही ने अप्रैल 2022 में कुंजबिहारी पटेल को बताया कि उसका मंत्रालय में अच्छा परिचय है और एक रिश्तेदार अपर कलेक्टर है। इससे वह सरकारी नौकरी लगवा सकता है। साथ ही सितेश पाणिग्राही ने अपने भाई का ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर भी दिखाया, जिस पर कुंजबिहारी पटेल ने भरोसा कर लिया। ऐसे में पीडि़त ने सितेश पाणिग्राही को 22 अप्रैल 2022 को अपनी जमीन बेचकर 4 लाख 58 हजार 300 रुपये दिए। इसके दो महीने बाद उसने फिर से 3 लाख 69 हजार रुपये सितेश को दिए। नौकरी न लगने पर जब पीडि़त ने पैसे वापस मांगे तो सितेश के परिजनों ने टालमटोल करते हुए कहा कि धीरे-धीरे पैसे वापस कर देंगे या फिर जमीन की रजिस्ट्री करा लेंगे।
ऐसे में कुछ दिन बाद पीडि़त कुंजबिहारी पटेल को पता चला कि सितेश पाणिग्राही ने नौकरी लगाने के नाम पर गांव के ही मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3 लाख 77 हजार रुपये और देवकुमार पटेल से 8 लाख रुपये की ठगी की है। जब तीनों ने पैसे मांगे तो सितेश उन्हें दुर्ग ले गया। वहां रेलवे स्टेशन के पास विवेक कुमार नामक व्यक्ति मिला, जिसने तीनों को चेक दिए।
जब यह चेक बैंक में जमा किए गए तो वे बाउंस हो गए। इस प्रकार सितेश पाणिग्राही और विवेक कुमार ने मिलकर तीनों युवकों से कुल 20 लाख, 4 हजार रुपये की ठगी की। वहीं चेक बाउंस होने पर पीडि़त ने इसकी शिकायत पुसौर थाना में दर्ज कराया है, जहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौकरी के नाम पर 20 लाख की ठगी
मंत्रालय में जान-पहचान बताकर लिया था रुपया



