जशपुरनगर। कुनकुरी में कांग्रेस ने मनरेगा को उसके पुराने नाम और मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग को लेकर शनिवार को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन और पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्रामीण मजदूर उपस्थित रहे।
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और छत्तीसगढ़ की सह प्रभारी जरिता लैत फ्लांग ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को धीरे-धीरे कमजोर कर खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा लागू की थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी। लैत फ्लांग ने कहा कि यह योजना विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक थी, जिसकी सराहना विश्व बैंक सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार ने इस योजना को कमजोर किया है। जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों को 50 दिन का भी काम नहीं मिल रहा है, जबकि सरकार 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार देने का दावा कर रही है।
कांग्रेस की सह प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप और पुराने नाम की बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश और देश भर में गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ मिलकर उपवास, धरना और विरोध प्रदर्शन करेगी। यह आंदोलन जिला मुख्यालयों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाया जाएगा। केंद्र सरकार के समक्ष कांग्रेस की प्रमुख मांगें रखते हुए नेताओं ने कहा कि योजना का नाम पुन: मनरेगा किया जाए, 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को सख्ती से लागू किया जाए और मजदूरों को प्रतिदिन 100 रुपए की दर से मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
लैत फ्लांग ने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के तहत रोजगार देने का निर्णय पंचायत स्तर पर होता था, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम मिलता था। अब इसे पूरी तरह केंद्र से संचालित करने की तैयारी की जा रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने कहा कि योजना को एआई आधारित ऐप के माध्यम से चलाने की योजना से गरीब और अशिक्षित मजदूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने जशपुर जिले के कई धान खरीदी केंद्रों में कथित अनियमितताओं, गड़बडिय़ों और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि धान उत्पादक किसानों से एक-एक दाना घोषित समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने वाली नीतियों से पीछे नहीं हटती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मनरेगा को पुराने नाम, मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग
भाजपा ऐतिहासिक योजना को कमजोर कर खत्म करने की कर रही कोशिश : जरिता



