रायगढ़। धरमजयगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी एस. आर. सिदार एवं घरघोड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह के विशेष प्रयासों एवं संयुक्त समन्वय से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल टेंडा नवापारा में करियर मार्गदर्शन सह परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का भव्य, सुव्यवस्थित एवं अत्यंत सफल आयोजन किया गया। दोनों अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के छह विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति रही, जो कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण है।इस कार्यक्रम में शा. उ. मा. विद्यालय नवापारा, हाई स्कूल बगचबा, सेजेस कटाईपाली, सी. हाई स्कूल पुसल्दा, हाई स्कूल बोजिया सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मां सरस्वती पूजन के साथ कार्यक्रम का गरिमामयी शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ जिले के ऊर्जावान जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव एवं डीएमसी आलोक स्वर्णकार द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव का प्रेरणादायी उद्बोधन
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव ने विद्यार्थियों को छोटी-छोटी प्रेरक कहानियों के माध्यम से करियर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने मोबाइल के मैन्युअल कार्ड का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे हर मोबाइल अपने निर्धारित नियमों से संचालित होता है, वैसे ही प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का मैन्युअल कार्ड स्वयं बनाना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन के इस मैन्युअल कार्ड में अनंत संभावनाएँ होती हैं और विद्यार्थी अपने परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से अपने भविष्य को मनचाहा स्वरूप दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने एक क्रिकेट खिलाड़ी का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर कर्तव्य, संकल्प और लक्ष्य के महत्व को रेखांकित किया।
डीएमसी आलोक स्वर्णकार का ऊर्जावान मार्गदर्शन
डीएमसी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को परीक्षा के अनावश्यक भय से मुक्त रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का केवल एक चरण है, इसे तनाव का कारण न बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित लिखने का अभ्यास, समय-प्रबंधन और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी तथा स्पष्ट किया कि निरंतर अभ्यास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।साथ ही डीएमसी महोदय ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करने पर ही बेहतर परिणाम संभव हैं।उन्होंने करियर मार्गदर्शन के संदर्भ में कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करें तथा बिना दबाव के, पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उनका यह उद्बोधन विद्यार्थियों के मन से परीक्षा का भय दूर करने वाला और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने वाला सिद्ध हुआ।
डीईओ एवं डीएमसी ने टॉपर्स आने बच्चों को हर सम्भव मदद करने का दिया आश्वासन
डीईओ एवं डीएमसी महोदय ने टॉप टेन में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।उन्होंने राज्य स्तर पर टॉप टेन में आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाने की घोषणा कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।इसी क्रम में प्राथमिक शाला लामीखार के शिक्षक श्री निरंजन पटेल ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए टॉपर विद्यार्थियों को एक माह का वेतन प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान करने की घोषणा की।यह घोषणा विद्यार्थियों के लिए न केवल सम्मान का विषय बनी, बल्कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन से आगे बढऩे की प्रेरणा भी सिद्ध हुई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने इस सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की पंजीयन की दी गई लाइव जानकारी
परीक्षा पर चर्चा पंजीयन की जानकारी कार्यक्रम में एपीसी अभय पांडे द्वारा परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया गया। उन्होंने स्वयं पंजीयन कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन करने का आह्वान किया। जिला शिक्षा अधिकारी महोदय के समक्ष सभी विद्यार्थियों ने शपथ ली की लगन मेहनत से अपने परीक्षा परिणाम को बेहतर करेंगे।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार एवं समन्वय में संस्था के प्राचार्य वीर सिंह राठिया का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सशक्त, अनुशासित एवं प्रभावी मंच संचालन कटाईपालि सी के प्राचार्य राजीव आर्य द्वारा किया गया।
छात्रवृत्ति विषय पर नोडल अधिकारी एस. के. कर्ण का प्रभावशाली मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी एस. के. कर्ण द्वारा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, समय-सीमा एवं सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। एवं परीक्षा से भय मुक्त होकर लेखन शैली पर विशेष जोर दिया साथ ही उन्होंने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि पात्र विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति प्रकरणों का समय पर सत्यापन कर स्वीकृति एवं स्द्गठ्ठस्र प्रक्रिया सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।



