जशपुर। जिले में आरोपी ने खुद को सीएएफ (छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल) का जवान बताकर महिलाओं से लाखों रुपए की ठगी की है। आरोपी फर्जी वर्दी पहनकर और झूठी पहचान बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था। उसने 2 महिलाओं को झांसे में लिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुन्नी लाल अनंत (27 साल) पुलिस की वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता था ताकि लोगों का भरोसा जीत सके।
आरोपी ने महिला को मत्स्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उससे 4 लाख की डिमांड की थी। 2 लाख कैश उसने ले लिया था और पैसे मांग ही रहा था कि महिला को ठगी का एहसास हो गया। पुलिस ने आरोपी पुन्नी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है।
एएसपी अनिल कुमार सोनी ने बताया कि आरोपी की पहचान बिलासपुर निवासी पुन्नी लाल अनंत (27 साल) के रूप में हुई है। वह जशपुर में किराए के मकान में रहता था और खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताता था। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता था ताकि लोगों का भरोसा जीत सके। 8 दिसंबर 2025 को झरगांव निवासी सीमा बाई (39 साल) ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट परिसर में उनकी मुलाकात पुलिस की वर्दी पहने एक युवक से हुई थी।
युवक ने अपना नाम पुन्नी लाल अनंत बताया और खुद को बिलासपुर के कोटा के ग्राम टाडा दर्रीकापा का निवासी बताते हुए उच्च अधिकारियों तक अपनी अच्छी पहुंच का दावा किया। उसने सीमा बाई को मत्स्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
4 लाख की थी डिमांड
आरोपी की वर्दी और कथित रसूख के कारण महिला उसके झांसे में आ गई। कुछ दिनों बाद, आरोपी ने फोन पर बताया कि नौकरी के लिए 4 लाख रुपए लगेंगे, जिसके बाद जल्द ही जॉइनिंग लेटर मिल जाएगा। प्रार्थिया ने आरोपी को दो लाख रुपए दे दिए। आरोपी ने शेष राशि मिलने पर जॉइनिंग लेटर देने की बात कही। इतना ही नहीं, उसने प्रार्थिया की भतीजी को भी डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने भतीजी की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए और तीन लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की।
कुछ समय बाद पीडि़ता को जानकारी मिली कि पुन्नी लाल अनंत कोई पुलिसकर्मी नहीं है, बल्कि फर्जी वर्दी पहनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा है। ठगी का एहसास होते ही महिला ने सिटी कोतवाली जशपुर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
मामला दर्ज होने के बाद फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2), 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। घटना के बाद से आरोपी फरार था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी अपने गृह ग्राम टाडा दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में लेकर जशपुर लाया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। आरोपी के कब्जे से नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार करने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है और आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी तरह की नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
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