रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘विजन 2047’ पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को संबोधित किया। उन्होंने नवीन विधानसभा भवन में कामकाज शुरू होने पर सभी सदस्यों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 वर्ष पहले आज ही के दिन विधानसभा सत्र आहूत हुआ था और जशपुर हाल में विधानसभा का पहला बैठक हुआ था। उन्होंने बताया कि इस हाल का निर्माण स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने अपनी सांसद निधि से कराया था। जशपुर का होने की वजह से मुझे इस बात का गर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन विधानसभा भवन के शुभारंभ में प्रधानमंत्री मोदी आए इसके लिए हम आभारी हैं। उन्होंने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 पर सदन में चर्चा की गई। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में विजन डॉक्यूमेंट तैयार हुआ। सरकार बनते ही हमने विजन डॉक्यूमेंट बनाने की शुरुआत की। देशभर में विजन 2047 की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पीएम मोदी ने देश को चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया है। विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर हमारी टीम ने बहुत परिश्रम किया है। सभी वर्गों से बातचीत कर विजन डॉक्यूमेंट तैयार हुआ। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि जैसे 13 क्षेत्रों को इसमें शामिल किया गया है। सभी वर्गों से चर्चा के बाद इसे तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कभी लोगों की भूख से मौत होती थी, लेकिन आज छत्तीसगढ़ ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। हमारी सरकार ने जो वादा किया, उसे पूरा किया है। 18 लाख आवास की हमने पहले कैबिनेट में स्वीकृति दी। छत्तीसगढ़ में लगातार हमने आवास देने का काम किया। हमने किसानों से किया गया वादा भी निभाया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विजऩ का रखा स्पष्ट रोडमैप

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य के दीर्घकालिक विकास दस्तावेज ‘छत्तीसगढ़ अंजोर 2047’ पर व्यापक और सारगर्भित चर्चा हुई। सदन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी विजऩ डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके उद्देश्य, आवश्यकता और क्रियान्वयन की रूपरेखा को विस्तार से रखा। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों में राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प है।’ उन्होंने बताया कि यह विजऩ भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को केंद्र में रखा गया है।
वित्त मंत्री चौधरी ने चर्चा में स्पष्ट किया कि तेज़ी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में राज्य को दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं को देखते हुए योजनाबद्ध और दूरदर्शी नीति अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना, किसानों, श्रमिकों और आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोडऩा, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विस्तार करना, सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ बनाना है। वित्त मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को कई प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना का विकास और हरित विकास शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राज्य की युवा आबादी को ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ में बदलना इस विजऩ का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को प्राथमिकता दी गई है। मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को तैयार करने में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सुझावों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में जनभागीदारी और नियमित समीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
विधानसभा में इस विषय पर उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार रखे और राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। चर्चा के दौरान यह भावना उभरकर सामने आई कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 राज्य को एक स्पष्ट दिशा और लक्ष्य प्रदान करेगा। अंत में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 हमारे बच्चों और आने वाली पीढिय़ों के उज्ज्वल भविष्य का दस्तावेज है। सरकार का संकल्प है कि इस विजऩ को धरातल पर उतारकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा।



