रायपुर। राजधानी की 25 लाख से ज्यादा की आबादी के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर में पहली बार एक साथ 7 नए ओवरब्रिज बनने जा रहे हैं। इसके लिए बजट भी मंजूर कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने इस काम को पूरा करने के लिए एक साल का लक्ष्य रखा है। ओवरब्रिज बनाने के लिए उन सडक़ों की पहचान की गई है जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम और हादसे होते हैं। पीडब्ल्यूडी ने इसी सर्वे के आधार पर तय किया है कि किस सडक़ पर ?नया ओवरब्रिज बनना है। शहर की चारों दिशाओं में नए ओवरब्रिज का निर्माण होगा इससे ट्रैफिक जाम-हादसे कम होंगे और हर सडक़ पर 20 मिनट बचेंगे।
पीडब्लूडी के मुताबिक, शहर में सबसे पहला ओवरब्रिज कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट और अमलीडीह चौक, केनाल लिंकिंग रोड पर द्रोणाचार्य स्कूल के पास बनेगा। अफसरों की योजना है कि इस ब्रिज के साथ ही गुढिय़ारी स्थित शुक्रवारी बाजार से स्टेशन की तरफ आने वाली सडक़ पर भी ओवरब्रिज बनाने पर काम किया जा रहा है। इससे इस इलाके को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा सकेगा। लोक निर्माण के अफसरों का दावा है कि नए ओवरब्रिज के लिए मुख्यालय से भी सहमति बन गई है। इस वजह से इन सभी ओवरब्रिज का निर्माण होना तय है।
कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट तक 50 करोड़ की लागत से डेढ़ किलोमीटर लंबा नया ओवरब्रिज बनेगा। बजट में इसकी मंजूरी मिल गई है। यहां सुबह 9.30 से 11.30 और शाम 5.30 से 7.30 बजे के बीच जाम लगता है। फुंडहर चौक पर 30 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण होगा। लंबाई 700 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर होगी। इससे एयरपोर्ट जाने वालों को फुंडहर चौक पर जाम में फंसने से राहत मिलेगी। लोगों के 10 मिनट तक बचेंगे। केनाल लिंकिंग रोड के ऊपर अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक 40 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण होगा। एमएमआई चौक से द्रोणाचार्य चौक तक इसका निर्माण किया जाएगा। यहां सुबह-शाम जाम लग रहा है।
गुढिय़ारी के शुक्रवारी बाजार से एक्सप्रेस-वे में जोडऩे का प्लान है। पीडब्ल्यूडी यहां फ्लाईओवर बनाने की योजना बना रहा है। यह सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मोवा- खालसा स्कूल से मोवा रिलायंस मार्ट तक ओवरब्रिज बनाने पर काम चल रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 135 करोड़ है। अभी ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है। भनपुरी चौक : भनपुरी चौक पर ओवरब्रिज बनेगा। इस पर करीब 40 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहनों को यहां रुकना नहीं पड़ेगा। खारुन नदी: यह ओवरब्रिज रायपुर और पाटन को जोड़ेगा। इसकी मंजूरी के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। इसकी लागत करीब 60 करोड़ है। इससे रोजाना औसतन 80 हजार वाहनों का सफर आसान होगा। पीडब्लूडी मंत्री अरुण साव ने कहा है कि रायपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है। इसी के अनुरूप रायपुर का विकास किया जा रहा है। देशभर में इसकी पहचान हो इसे ध्यान में रखकर प्लानिंग की गई है। लोग ट्रैफिक में नहीं फंसेंगे और हादसे रुकेंगे।
रायपुर में एक साथ बनेंगे 7 ओवरब्रिज
एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा गुढिय़ारी, ट्रैफिक जाम-हादसे होंगे कम



