NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: हिंदी दिवस पखवाड़ा अंतर्गत के.एम.टी. गर्ल्स कॉलेज में हुई संगोष्ठी
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायगढ़ > हिंदी दिवस पखवाड़ा अंतर्गत के.एम.टी. गर्ल्स कॉलेज में हुई संगोष्ठी
रायगढ़

हिंदी दिवस पखवाड़ा अंतर्गत के.एम.टी. गर्ल्स कॉलेज में हुई संगोष्ठी

हिंदी, चुनौतियाँ एवं संभावनाएं बिषय पर मुख्य वक्ता रमेश शर्मा ने दिया वक्तव्य

lochan Gupta
Last updated: September 26, 2026 12:14 am
By lochan Gupta September 26, 2026
Share
6 Min Read

रायगढ़। हिंदी दिवस पखवाड़ा अंतर्गत आज 24 सितम्बर को के.एम.टी. शासकीय गर्ल्स कॉलेज रायगढ़ में ‘हिंदी, चुनौतियाँ और संभावनाएं’ बिषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आमंत्रित साहित्यकार द्वय रमेश शर्मा एवं बसंत राघव के आतिथ्य एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.उमा नेगी की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महाविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक राजकुमार राठौर ने हिंदी की वर्तमान स्थिति, उसकी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर बिषय प्रवेश करवाते हुए अपना प्रारम्भिक वक्तब्य प्रस्तुत किया।
प्राचार्य डॉक्टर उमा नेगी ने अपना आशीर्वाद वक्तब्य देते हुए सभा को सम्बोधित कर बच्चों एवं अतिथियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में आमंत्रित मुख्य वक्ता हिंदी के सुपरिचित कहानीकार रमेश शर्मा ने हिंदी को लेकर चली आ रही धारणाओं की पड़ताल करते हुए यह कहा कि दुनिया की लगभग आठ सौ करोड़ आबादी में 61 करोड़ लोग हिंदी भाषा बोलते हैं। अंग्रेजी 152 करोड़ और मंदारिन 118 करोड़ लोगों के बाद हिंदी तीसरे नंबर की भाषा है जो प्रमुख रूप से उपयोग में आती है।भारत में मातृभाषा हिंदी बोलने वाले लोगों की संख्या 43 करोड़ से ऊपर है। इसके बाद भी इस पर संकट की बात करना लाजि़मी नहीं है। उन्नीसवीं सदी के मध्य में जब अंग्रेज एग्रीमेंट के तौर पर मजदूरों को मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी, त्रिनिडाड साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भेजते थे तो वे अपने साथ जहाज में रामचरित मानस लेकर जाते थे। इन मजदूरों को गिरमिटिया कहा जाता था जो दिन भर काम करके शाम को थककर जब चौपाल में बैठते थे तो रामचरित मानस एवम हनुमान चालीसा का पाठ करते थे। वही उनके मानसिक मनोरंजन का साधन होता था। रामायण अवधि भाषा में होते हुए भी देवनागरी लिपि में है और उसे हिंदी का ही महाग्रंथ माना जाता है। इन गिरमिटिया मजदूरों में बहुत से लोग लेखक के रूप में सामने आए जिन्होंने उपन्यास लिखे और उस समय की लोक संस्कृति एवं सामाजिक जीवन का आख्यान रचा। विदेशों में हिंदी के विस्तार की यह जीवंत कहानी है। संस्कृति में बदलाव के साथ हिंदी भाषा की प्रकृति में भी आज एक बदलाव नजऱ आता है। आज हिंदी की दुनिया भी दो भागों में बंटी हुई है- एक हिंदी जिसे शुद्धतावादी नज़रिए से बांधकर साहित्य तक सीमित करते हुए संकुचित कर दिया गया है। दूसरी हिंदी जिसे नई वाली हिंदी कहा जाता है उसका सम्बन्ध पॉप कल्चर से है। हिंदी से जुड़ी चुनौतियाँ भी अनेक हैं। भाषा को केरियर से जोड़ देने का नज़रिया एक ऐसी चुनौती है जहां अंग्रेजी के पीछे भागने की प्रवृत्ति बढ़ी है। बचपन से ही बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में जाकर अपनी मातृभाषा से दूर हो रहे हैं। हिंदी भाषा को सिर्फ साहित्य तक सीमित कर दिया गया है। गांधी जी ने कहा था कि प्रायमरी कक्षाओं में बच्चों को अपनी मातृभाषा में ही शिक्षा मिलनी चाहिए। उसके बाद अंग्रेजी भाषा उसे सिखाया जाना चाहिए। हिंदी भाषी राज्यों में दुर्भाग्य से ऐसा हो नहीं रहा जो एक कठिन चुनौती है। भारतीय भाषाओं के मध्य आपसी खींचातानी हिंदी की राह में एक दूसरी बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ग़ैरहिन्दी भाषी राज्य आज भी हिंदी भाषा का विरोध करते हैं जो कि एक और दूसरी बड़ी चुनौती है।
पॉप कल्चर के माध्यम से मीडिया एवं सोशल मीडिया में विकसित हुई हिंदी कहीं कहीं दूषित हुई है। ओटीटी प्लेटफार्म पर हिंदी गाली गलौज की भाषा बनी है तो टीवी डिबेट में युद्ध की भाषा बनकर उभरी है। इस पॉप कल्चर की हिंदी से समन्वय बनाकर हिंदी की जड़ों को बचाने की चुनौती आज सबके सामने है। हिंदी का किसी भाषा से विरोध नहीं है पर बाज़ार की भाषा बनने की दिशा में उसके मूल स्वभाव में जो परिवर्तन हो रहा है वह चिंता पैदा करता है। इन हो रहे बदलाव में समन्वय के साथ साथ उसके सामने अपने मूल स्वभाव को बचाने की चुनौती भी है। तकनीक से समन्वय स्थापित करते हुए वह बाज़ार की भाषा किस तरह बने, यह भी हिंदी के निश्चय ही बड़ी चुनौती है। हिंदी भाषा की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, ओटीटी इत्यादि जगहों में हिंदी भाषा के लिए अपार संभावनाएं पैदा हुई हैं। युवा इसे केरियर के रूप में अपना रहे हैं। हिंदी संपर्क की भाषा बन रही है। उसका सामाजिक आधार मजबूत है।
मेडिकल, इंजीनियरिंग की शिक्षा में हिंदी भाषा का प्रयोग मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्यों में प्रारम्भ हुआ है। ्रढ्ढ जैसी नवीनतम तकनीक में हिंदी के उपयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं। कार्यक्रम में आमंत्रित कवि कहानीकार बसन्त राघव ने बच्चों के सम्मुख अपनी कविता का पाठ करते हुए इस अच्छे आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों की उपस्थिति रही। महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक देवांगन मेडम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस गोष्ठी का समापन हुआ।

You Might Also Like

ओपी चौधरी द्वारा एनटीपीसी में स्कूल बैग, स्पोर्ट्स कीट एवं बुजुर्गों को कंबल वितरण

जिले में स्वीकृत 15 महतारी सदनों में से 6 का काम पूरा, 6 और सदन प्रगति पर, तीन का काम अटका

किशोरी को भगाने वाला युवक झारसुगुड़ा में पकड़ाया, पॉक्सो एक्ट में भेजा जेल

एसईसीएल धरमखदान में ट्रांसफार्मर पार्ट्स व केबल चोरी

एनएचएम कर्मचारियों का बढ़ रहा आक्रोश

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article आर.एल. हॉस्पिटल में 27 सितबर को पेट एंव लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ संजय अग्रवाल रहेंगे उपलब्ध
Next Article सिद्धश्री हनुमान मंदिर में १ से भव्य अखंड राम सप्ताह

खबरें और भी है....

भारी बारिश के चलते आज बंद रहेंगे स्कूल : सीएम साय
तेज बारिश को लेकर अलर्ट रहे जिला प्रशासन- सीएम साय
मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक, प्रदेश में खुलेंगे 360 नए धान खरीदी केंद्र
अवैध कबाड़ दुकान पर रेड, 8 क्विंटल कबाड़ व पिकअप जब्त
नकली होलोग्राम से शराब तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़

Popular Posts

भारी बारिश के चलते आज बंद रहेंगे स्कूल : सीएम साय
तेज बारिश को लेकर अलर्ट रहे जिला प्रशासन- सीएम साय
मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक, प्रदेश में खुलेंगे 360 नए धान खरीदी केंद्र
अवैध कबाड़ दुकान पर रेड, 8 क्विंटल कबाड़ व पिकअप जब्त
नकली होलोग्राम से शराब तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?