बिलासपुर। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम पर 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा (स्॥स्)-2026 अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वच्छता के साथ जनभागीदारी एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के सातवें एवं आठवें दिन 23 एवं 24 सितम्बर को मंडल के प्रमुख स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, स्वास्थ्य इकाइयों एवं रेलवे परिसरों में कचरे के उचित पृथक्कीकरण, फोर-वे सोर्स सेग्रीगेशन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचाव को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रेलवे कॉलोनियों में जनजागरूकता रैली निकालकर घर-घर संपर्क किया गया तथा पंपलेट वितरित किए गए। इस दौरान हरे, नीले, लाल एवं काले डस्टबिन में अलग-अलग प्रकार के कचरे को रखने तथा उसके वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण की जानकारी दी गई। गीले कचरे से घर पर कम्पोस्ट खाद तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए जूट एवं कपड़े के थैले वितरित किए गए। मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों एवं स्टॉल संचालकों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इसके उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा एनईआई स्पोर्ट्स क्लब में बच्चों के लिए ‘जीरो वेस्ट’ खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों में खेल मैदानों में स्वच्छता तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
‘नेकी की दीवार’ से दिया मानवता और पुन: उपयोग का संदेश
स्वच्छता के साथ सामाजिक सहभागिता एवं मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिलासपुर एवं चांपा रेलवे स्टेशनों पर ‘नेकी की दीवार’ पहल आयोजित की गई। इसके माध्यम से ऐसी उपयोगी वस्तुएं जरूरतमंदों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया, जो किसी व्यक्ति के लिए अनुपयोगी हो चुकी हैं, लेकिन किसी अन्य के लिए उपयोगी हो सकती हैं। इस पहल द्वारा यात्रियों एवं आमजनों से ‘नेकी की दीवार’ में सक्रिय सहभागिता करते हुए जरूरतमंदों के लिए उपयोगी वस्तुएं साझा करने तथा आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को बढ़ावा देने की अपील की गई।



