रायगढ़। जिले में 17 सितम्बर से आयोजित सेवा संकल्प अभियान के दौरान कई बदलाव की वास्तविक कहानियां देखने को मिल रही है। जिसमें हितग्राही स्वयं आगे बढक़र पहले की स्थिति और वर्तमान की स्थिति को साझा करते हुए नजर आ रहे है। इसी क्रम में ग्राम जुर्डा निवासी राकेश पटेल ने बताया कि वे महज 1,200 रुपए की पूंजी से एक पशु के साथ दूध का काम शुरू किया था। शुरुआत में करीब चार लीटर दूध साइकिल से घर-घर पहुंचाते थे। मेहनत, विभागीय मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं के सहयोग से उनका छोटा-सा काम अब 117 पशुओं के डेयरी फार्म तक पहुंच चुका है। राकेश ने अपनी डेयरी को आगे बढ़ाने के साथ आसपास के किसान परिवारों को भी इससे जोड़ा। वर्तमान में 42 किसान परिवारों से रोज करीब 300 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। इससे इन किसानों को अपने दूध की बिक्री के लिए नियमित माध्यम मिला है और उनकी आय का एक अतिरिक्त जरिया तैयार हुआ है।
डेयरी को विस्तार देने के लिए राकेश को पांच लाख रुपए का ऋण मिला, जिसमें ढाई लाख रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। इसके बाद डेयरी उद्यमिता योजना के तहत 12 लाख रुपए का ऋण लेकर उन्होंने 16 गायें खरीदीं और अपने फार्म को विस्तार दिया। पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में कृत्रिम गर्भाधान, सॉर्टेड सीमेन, नियमित टीकाकरण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाया गया। इसके साथ ही डेयरी की प्रगति में विभागीय चिकित्सकों और कर्मचारियों के मार्गदर्शन भी लिया गया।
डेयरी से गांव में 16 लोगों को रोजगार
डेयरी के विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़े। वर्तमान में 10 महिलाएं और 6 युवा, यानी कुल 16 लोग, डेयरी से जुड़े हैं। गांव में ही रोजगार मिलने से स्थानीय स्तर पर आय के अवसर तैयार हुआ हैं। राकेश ने डेयरी को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। गांवों से किसानों का पैरा एकत्र कर उसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। इसके बदले किसानों को गोबर दिया जाता है, जिसका उपयोग जैविक खाद तैयार करने में किया जा सकता है। इस व्यवस्था से किसानों को खेतों में फसल अवशेष जलाने से बचने में मदद मिलती है, वहीं डेयरी के लिए चारे की लागत भी कम होती है। इस तरह दूध उत्पादन के साथ पशुपालन, किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण-तीनों को एक-दूसरे से जोड़ा गया है।
राकेश पटेल ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीणों के लिए संचालित योजनाओं तथा पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। 1,200 से शुरू हुआ सफर अब 117 पशुओं के फार्म तक पहुंच चुका है। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान की भी सराहना की और अधिक से अधिक जनसहभागिता की अपील भी की।
सेवा संकल्प अभियान: बदलाव की वास्तविक कहानी, डेयरी उद्यमिता योजना से जुर्डा निवासी राकेश पटेल को मिली नई उड़ान
एक गाय के साथ शुरू किया दूध उत्पादन का कार्य, अब गायों की संख्या हुई 117, रोज 300 लीटर दूध का संग्रहण, 16 लोगों को मिला प्रत्यक्ष रोजगार



