पखांजूर। सूरजगढ़ माइंस के भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के बाद अब रोजगार के मुद्दे को लेकर स्थानीय युवाओं और कर्मचारियों का आक्रोश सडक़ पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को सूरजगढ़ माइंस से जुड़े हजारों युवा अपने परिवारों के साथ पखांजूर की सडक़ों पर उतरे और विशाल रैली निकालकर रोजगार बचाने तथा माइंस वाहनों की आवाजाही शुरू करने की मांग उठाई।
मेला ग्राउंड से शुरू हुई रैली नया बाजार और पुराना बाजार होते हुए पखांजूर एसडीएम कार्यालय पहुंची। इस दौरान युवाओं के हाथों में रोजगार से जुड़े संदेश लिखे पोस्टर और बैनर नजर आए।रैली में लगातार हमें रोजगार चाहिए,रोजगार बचाओ परिवार बचाओ जैसे नारे गूंजते रहे। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम पखांजूर को ज्ञापन सौंपकर सडक़ सुरक्षा के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
युवाओं का कहना है कि सूरजगढ़ माइंस के वाहनों का संचालन बंद होने से केवल माइंस में काम करने वाले कर्मचारी ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि परिवहन, वाहन संचालन, सुरक्षा, पेट्रोलिंग, मरम्मत और अन्य गतिविधियों से जुड़े बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। वाहन बंद होने के बाद इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सडक़ की सुरक्षा और रोजगार दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए जल्द ठोस समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि सडक़ की समस्या का समाधान जरूरी है, लेकिन इसके साथ हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर भी संकट नहीं आना चाहिए।
रैली में माइंस कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में उनके परिवार के सदस्य और स्थानीय युवा शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। युवाओं ने कहा कि रोजगार का संकट लगातार बढ़ा तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
सूरजगढ़ माइंस के समर्थन में हजारों युवाओं का शक्ति प्रदर्शन
सडक़ों पर गूंजा रोजगार बचाओ का नारा, माइंस वाहनों की आवाजाही बंद होने से भडक़ा रोजगार का मुद्दा, हजारों युवाओं ने खोला मोर्चा, रोजगार के लिए आर-पार की लड़ाई, हजारों युवाओं ने दिखाई एकजुटता



