रायपुर। छत्तीसगढ़ के नर्सिंग अफसरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से मुलाकात कर ग्रेड-पे वेतनमान लागू करने की मांग रखी है। एसोसिएशन ने कहा है कि मांग पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो प्रदेशभर के नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। एसोसिएशन ने आज स्वास्थ्य मंत्री को पत्र देकर बताया कि नर्सिंग संवर्ग ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर लंबे समय से सरकार के सामने अपनी बात रख रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक यह मांग करीब 14 साल से लंबित है।
एसोसिएशन के अनुसार दिसंबर 2025 में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बाद चरणबद्ध आंदोलन किया गया था। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को नर्सिंग संवर्ग की मांगों पर बजट प्रस्ताव बनाकर आयुक्त कार्यालय से शासन को भेजा गया था। एसोसिएशन का कहना है कि आंदोलन स्थगित होने के बाद यह प्रस्ताव वापस आयुक्त कार्यालय को अभिमत के लिए भेज दिया गया, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एसोसिएशन ने पत्र में बताया कि शासन स्तर पर मांगों पर फैसला नहीं होने के कारण 9, 10 और 11 सितंबर को अस्पताल परिसर में दो-दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद हुई बैठक में अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का फैसला लिया गया।
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन की मुख्य मांग ग्रेड-पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को जल्द लागू करने की है। एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी दी जाए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 10 चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़े अस्पतालों में काम करने वाला नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि आंदोलन की स्थिति में मरीजों को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नर्सिंग संवर्ग ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर करीब 14 वर्षों से संघर्ष कर रहा है। एसोसिएशन ने अब इस मामले में सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में नर्सिंग एसोसिएशन
स्वास्थ्य मंत्री से की मुलाकात, ग्रेड-पे वेतनमान लागू करने की रखी मांग



