रायगढ़ ञ्च पत्रिका. देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर गुरुवार को शहर सहित पूरे अंचल में उत्साह का माहौल रहा। सुबह से ही विभिन्न औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना का क्रम प्रारंभ हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान रेलवे स्टेशन, बिजली विभाग के अलावा मोटर गैरेज व प्लांटों में जबरदस्त माहौल रहा।
उल्लेखनीय है कि हर साल 17 सितंबर को देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की धूमधाम से पूजा-अर्चना की जाती है, जिसको लेकर शहर के मोटर गैरेज व प्लांटों में जोरशोर से तैयारी की गई थी। इसको लेकर बुधवार रात से ही गैरेज संचालक साफ-सफाई से लेकर दुकानों की सजावट में हुए गए तो जो गुरुवार सुबह तक तैयारी पूरी करने के बाद भगवान विश्वकर्मा को स्थापित किया गया। वहीं गैरेज संचालकों ने बताया कि यह पर्व मुख्य रूप से उन स्थानों पर मनाया जाता है जहां औजारों, मशीनों और उपकरणों का उपयोग होता है। शहर के मोटर गैरेज, वर्कशॉप, स्टील प्लांटों, फैक्ट्रियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों के अलावा मोटर संचालकों द्वारा विशेष आयोजन किए गए। कई स्थानों पर भव्य पंडाल बनाकर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं, जबकि कुछ गैरेज और फैक्ट्रियों के भीतर ही प्रतिमाएं विराजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर प्रतिष्ठानों को रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के रचयिता और शिल्प कला के अधिष्ठाता के रूप में स्मरण किया। ऐसी मान्यता है कि उनकी पूजा से कार्यस्थल पर समृद्धि आती है और मशीनें सुचारु रूप से कार्य करती हैं। लोगों ने अपने औजारों और मशीनों की भी विशेष साफ-सफाई कर पूजा की। इस दौरान भजन-कीर्तन, आरती और विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन भी किया गया। कई स्थानों पर विशेष भोज और प्रसाद वितरण का भी प्रबंध किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं तीन दिनों तक स्थापित रहेंगी। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उनका विसर्जन किया जाएगा। यह पर्व कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखता है, जो अपनी कुशलता और श्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
बाजार में रही चहल-पहल
गौरतलब हो कि विश्वकर्मा जयंती को लेकर गुरुवार सुबह से ही बाजार में चहल-पहल बढ़ गई थी। इस दौरान फल-फूल, मिठाई सहित पूजा सामनों की जमकर बिक्री हुई। वहीं कई जगह तो सुबह से ही पूजा-पाठ शुरू हो गया था, लेकिन कई जगह दोपहर बाद प्रतिमा को स्थपित किया गया, जिससे देर रात तक पूजन-हवन का दौर चलता रहा।
जगह-जगह भंडारे का आयोजन
रेलवे स्टेशन परिसर में तीन स्थानों पर देव शिल्पी का प्रतिमा स्थापित किया गया है। जिसमें आटो संघ द्वारा आटो स्टैंड में भव्य पंडाल तैयार किया गया है। इस दौरान संघ के अध्यक्ष संजय बाजपेयी ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा तीन दिन की होती है, ऐसे में आज पूरे दिन पूजा-पाठ का दौर चला है, वहीं शुक्रवार को सुबह पूजा के बाद महाभंडारे का आयोजन होगा। वहीं शनिवार को पूरे दिन अनुष्ठान के बाद विसर्जन किया जाएगा। साथ ही रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग और माल गोदाम में भी आयोजन किया गया।



