खरसिया। जिला प्रशासन द्वारा कॉलोनाइजरों के खिलाफ चलाए जा रहे जांच अभियान से रायगढ़ जिले में कॉलोनी कारोबारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देशों के बाद महज तीन दिनों के भीतर रायगढ़ तहसील में 6.40 एकड़ और पुसौर तहसील में 3.70 एकड़—यानी कुल 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के हक में वापस ली जा चुकी है। इसके साथ ही, बड़े अतरमुड़ा में एक कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त कर जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक भी लगा दी गई है। रायगढ़ में हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि खरसिया के अवैध कॉलोनी कारोबारियों पर कार्रवाई कब होगी?
खरसिया में नियमों की अनदेखी और उठते गंभीर सवाल खरसिया नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और रेरा की अनुमति के अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित जमीनों को या तो दस्तावेजों से गायब कर दिया गया है या फिर कागजों पर दर्ज जमीनों तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि निजी लाभ के लिए बसाई गई कॉलोनियों के अंदर नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये की सरकारी सडक़ और बुनियादी ढांचे का निर्माण करा दिया गया है।
रहवासी कर रहे निष्पक्ष जांच की मांग
जब रायगढ़ जिला प्रशासन ने वर्ष 2015 से लेकर अब तक की स्वीकृत कॉलोनियों के ईडब्ल्यूएस कोटे और रेरा मापदंडों की 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है, तो खरसिया को इससे बाहर क्यों रखा गया है? खरसिया तहसील क्षेत्र की सभी निजी कॉलोनियों का सीमांकन और रेरा पंजीयन की तत्काल जांच कराई जाए। ताकि इन कॉलोनियों में प्लाट खरीदने वालों को बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। ईडब्ल्यूएस भूमि को शासन के अधीन लेकर पात्र लोगों के उपयोग हेतु रास्ता सुनिश्चित किया जाए। निजी कॉलोनियों में सरकारी खजाने से बनाई गई सडक़ों और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कॉलोनाइजरों से वसूली की जाए। जिला प्रशासन की रायगढ़ और पुसौर में की गई त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन शासन-प्रशासन के नियम पूरे जिले के लिए एक समान होने चाहिए। खरसिया की जनता अब देखना चाहती है कि स्थानीय राजस्व अमला और जिला प्रशासन कब खरसिया के भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों पर अपना शिकंजा कसता है।
एसडीएम ने कहा जांच जारी है
इस संबंध में एसडीएम खरसिया प्रवीण भगत ने बताया कि हमारे पास जांच के लिए प्रतिवेदन आया है और तहसीलदार आर आई पटवारी द्वारा 3 से 4 कॉलोनियों में जांच की गई है और इस पर आगे कार्रवाई जारी रहेगी। खरसिया क्षेत्र में लगभग जितनी कॉलोनियां हैं वो नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत है जो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यक्षेत्र में आती है। फिर भी प्रतिवेदन और शिकायत के आधार पर हमारे द्वारा भी जांच की जा रही है और कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ श्रीमती नीतू अग्रवाल जी से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।



