रायगढ़। जिले में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने जिला कार्यालय के सभा कक्ष में सडक़ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पिछले दो वर्षों में हुई सडक़ दुर्घटनाओं के आंकड़ों, दुर्घटना संभावित स्थलों, ब्लैक स्पॉट, घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, यातायात व्यवस्था तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों पर बिंदुवार चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले में सडक़ दुर्घटनाओं एवं उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिक दुर्घटना वाले स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, संकेतक एवं सूचना बोर्ड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित आवश्यकतानुसार अन्य यातायात सुरक्षा उपाय किए जाने को कहा।
ब्लैक स्पॉट के साथ अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर भी निगरानी
बैठक में जिले में चिन्हित 16 ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ ऐसे स्थान भी हैं, जो निर्धारित मापदंडों के अनुसार ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित नहीं हैं, लेकिन वहां दुर्घटनाओं के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। कलेक्टर ने ऐसे स्थानों को भी चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में थाना-वार दुर्घटना संभावित टॉप-10 स्थलों की भी जानकारी ली गई। सडक़ की स्थिति, मोड़, विजिबिलिटी, सडक़ के किनारे झाडिय़ां, धूल, सडक़ के सोल्डर, स्थानीय मार्गों से हाईवे पर मिलने वाले स्थान तथा अन्य कारणों का सर्वे कर दुर्घटना रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने पर जोर दिया गया।
रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग के लिए बनेगी कार्ययोजना
जिले में रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने यातायात व्यवस्था की प्रभावी निगरानी एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आगामी 15 दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की निगरानी, यातायात दबाव और आवश्यक हस्तक्षेप के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए।
हेलमेट और शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्ती
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के साथ लोगों को इसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों एवं एसडीएम को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और यातायात नियमों के पालन को और मजबूत करने को कहा गया।
गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार और एंबुलेंस व्यवस्था पर जोर
बैठक में सडक़ दुर्घटना के बाद घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा गोल्डन ऑवर के महत्व पर भी चर्चा हुई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता, डायल-112 के प्रभावी उपयोग तथा घायलों को समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित मार्गों पर पेट्रोलिंग और सडक़ की साफ-सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।
उद्योगों के सहयोग से यातायात मित्र बनाने पर भी चर्चा
औद्योगिक क्षेत्रों में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित उद्योगों के माध्यम से ट्रैफिक दूत अथवा यातायात मित्र चयनित कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने और यातायात जागरूकता में सहयोग लेने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम द्वारा कोतरा रोड थाना क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में खड़े होने वाले दोपहिया वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए उन्हें आरओबी के नीचे निर्धारित स्थान पर रखने का सुझाव दिया गया। बैठक में सीएसपी एवं डीएसपी यातायात द्वारा तैयार पिछले दो वर्षों के दुर्घटना संबंधी आंकड़ों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें दुर्घटनाओं की संख्या, मृत्यु एवं घायलों की स्थिति, दुर्घटना वाले प्रमुख स्थानों तथा दुर्घटनाओं के कारणों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, डीएसपी यातायात प्रभारी श्री उत्तम प्रताप सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला खनिज अधिकारी सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
स्थानीय सडक़ों और हाईवे कनेक्टिविटी वाले स्थानों का होगा सर्वे
बैठक में हाईवे से गांवों एवं स्थानीय सडक़ों के जुडऩे वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। ऐसे स्थानों पर विजिबिलिटी, झाडिय़ों, सडक़ की ऊंचाई, मोड़, धूल एवं सडक़ के सोल्डर की स्थिति का सर्वे कर आवश्यक सुधार करने को कहा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुडऩे वाली स्थानीय सडक़ों के किनारे स्थित स्थानों को सडक़ के समतल करने तथा वाहन चालकों को पर्याप्त दृश्यता उपलब्ध कराने जैसे उपायों पर भी चर्चा की गई।



