‘‘दिल्ली-रायपुर की दौड़ नहीं, रायगढ़ के विकास की दौड़ है : कांग्रेस को अरुणधर दीवान का करारा जवाब, जिला भाजपा अध्यक्ष ने कहा नालंदा, मेरिन ड्राइव, रिंग रोड से बदलेगा रायगढ़ का चेहरा, कांग्रेस के पास सिर्फ विरोध’’
रायगढ़। ढिमरापुर रोड को लेकर कांग्रेस द्वारा किए गए धरने और चक्काजाम की चेतावनी पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अरुणधर दीवान ने कहा कि कांग्रेस बरसात में सडक़ मरम्मत की मांग कर केवल राजनीतिक रोटी सेंक रही है। वर्षा ऋतु में डामरीकरण और बड़े निर्माण कार्यों पर तकनीकी बंदिश रहती है, यह कांग्रेस के नेता भी जानते हैं। गीली मिट्टी पर डामर टिकता नहीं, इसलिए स्थायी निर्माण दशहरा के बाद ही संभव है। दुर्घटना दुखद है, लेकिन उसकी आड़ में विकास विरोधी नैरेटिव गढऩा कांग्रेस की हताशा दिखाता है।
श्री दीवान ने कहा कि विपक्ष अब कह रहा है कि विधायक ओपी चौधरी दिल्ली और रायपुर में ज्यादा रहते हैं। इसी में कांग्रेस की नासमझी छिपी है। विपक्ष को यह समझ ही नहीं है कि रायगढ़ जैसे शहर में बड़े प्रोजेक्ट का पैसा दिल्ली और रायपुर से ही आता है। नालंदा परिसर, प्रगति नगर मेरिन ड्राइव, जोगी दीपा केनाल नहर, पहाड़ मंदिर पर्यटन स्थल, रिंग रोड, कोड़ातराई एयर स्ट्रिप ये 5-10 लाख के नाली-नल के काम नहीं हैं, ये 50 करोड़, 100 करोड़, 500 करोड़ के विजन हैं। और 500 करोड़ के प्रोजेक्ट वार्ड में बैठकर नहीं मिलते। उसके लिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालयों के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं, रायपुर में बजट में प्रावधान कराना पड़ता है, डीपीआर बनवानी पड़ती है। ओपी को यह मालूम है कि बड़े बजट के कामों का पैसा कहां से किस तरह से आता है, इसलिए वे सभी बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। नाली बनाना, नल लगाना, गली की लाइट लगाना यह काम नगर निगम, पंचायत के जनप्रतिनिधि पूरा कर लेते हैं। विधायक का काम शहर को अगले 20 साल का विजन देना है। श्री दीवान ने कहा कि जनता अब तय करेगी कि ओपी का विकास विजन जरूरी है या विपक्ष की न काम करेंगे, न करने देंगे वाली राजनीति। जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दीवान ने कहा कि कांग्रेस ओपी पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांके और छत्तीसगढ़ गठन के बाद के अपने विधायकों के कार्यकाल का हिसाब दे।भाजपा के विधायक रहे विजय अग्रवाल जी के कार्यकाल में रायगढ़ में पहली बार शहरी अधोसंरचना की नींव रखी गई। केलो परियोजना को गति, शहर के मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण और कोतरा रोड औद्योगिक क्षेत्र को व्यवस्थित करने की पहल उन्हीं के समय शुरू हुई।
स्वर्गीय रोशनलाल अग्रवाल ने रायगढ़ की मूलभूत समस्याओं – पेयजल, बिजली और नगर विकास को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में ही रायगढ़ को जिला मुख्यालय के अनुरूप विकसित करने की सोच बनी।
कांग्रेस के विधायक रहे के.के. गुप्ता स्वर्गीय डॉ. शक्राजीत नायक और उनके बेटे प्रकाश नायक के कुल मिलाकर लगभग 13 साल से अधिक के कार्यकाल में रायगढ़ के लिए एक भी ऐसा काम नहीं करा पाए जिसका लाभ आज जनता को मिल रहा हो। न कोई नालंदा परिसर की सोच, न कोई मेरिन ड्राइव, न केनाल रोड, न पहाड़ मंदिर पर्यटन, न रिंग रोड का विजन। शहर जस का तस रहा, अतिक्रमण बढ़ा, सडक़ें बदहाल रहीं। दीवान ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस के अंतिम विधायक के कार्यकाल का सबसे बड़ा उदाहरण संजय कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार है। कांग्रेस सरकार ने 12 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया, अखबारों में वाहवाही लूटी, लेकिन 5 साल में उस टेंडर का एक ईंट तक जमीन पर नहीं लगा पाई। 12 करोड़ का टेंडर कागजों में ही दम तोड़ गया। जो पार्टी 12 करोड़ का एक कॉम्प्लेक्स नहीं सुधार पाई, वह आज उस व्यक्ति पर सवाल उठा रही है जो ढाई साल में 500 करोड़ से अधिक के विजन पर काम कर रहा है। यह रायगढ़ के उस जनादेश का अपमान है जो रायगढ़ की जनता ने ओपी चौधरी को दिया है। पांच साल राज किया, कोई काम नहीं किया, अब विकास करने वाले को रोकने के लिए धरना दे रहे। श्री दीवान ने कहा कि कांग्रेस का असली चरित्र यही है – पांच साल राज किया, कोई काम नहीं किया, अब जो विकास कर रहा है उसे रोकने के लिए धरना दे रहे हैं। यह विकास विरोधी मानसिकता है। श्री दीवान ने कहा कि ओपी चौधरी को बाहरी बताने वाली कांग्रेस पहले खुद जवाब दे। रायगढ़ विधानसभा की जनता को बताए कि जब रायगढ़ में स्थानीय कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता टिकट मांग रहे थे, तब आपने सरिया के स्व. डॉ. शक्राजीत नायक* और उनके बेटे प्रकाश नायक को रायगढ़ से टिकट क्यों दिया? क्या वे रायगढ़ के मूल निवासी थे? तब बाहरी-भीतरी का ज्ञान कहां था? सवाल करने से पहले कांग्रेस को अपने इस दोहरे चरित्र का जवाब देना चाहिए।
श्री दीवान ने कहा कि रायगढ़ की जनता ने ओपी चौधरी को एक वोट उम्मीद के साथ दिया है। उस एक वोट का असर है कि वर्षों से पड़ा विकास का सूखा खत्म हो रहा है। रायगढ़ ने नेता नहीं, एक राजनैतिक कमिहा चुना है जो दिन-रात काम में जुटा है। एक सामाजिक सम्मेलन में ओपी जी ने खुद कहा था कि काम की व्यस्तता ऐसी है कि रात में उठने पर याद नहीं रहता कि दिल्ली में हूँ, रायपुर में हूँ या बायंग में – वॉशरूम किस दिशा में है, भूल जाता हूँ। यह जुनून है। कांग्रेस के पास न विजन है, न जुनून, सिर्फ विरोध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ओपी के विकास का ढोल फट जाएगा कहना, दरअसल अपने 5 साल के अकर्मण्यता की पोल खुलने का डर है। विधायक ओपी का विकास का ढोल नहीं, कांग्रेस के निकम्मेपन का ढोल फट रहा है। रायगढ़ की जनता जानती है – सडक़ भी बनेगी, रिंग रोड भी बनेगी, नालंदा भी बनेगा, मेरिन ड्राइव भी बनेगा। क्योंकि अब रायगढ़ में धरने से नहीं, विजन से विकास होगा।



