रायगढ़। मरठा गैंग के दर्जनभर आरोपियों ने विगत 2013 में खरसिया-रायगढ़ के बीच रेलवे लाइन चोरी कर लिए थे, जिसकी सूचना पर रायगढ़ आरपीएफ द्वारा अपराध दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक आरोपी फहीम खान उसी समय से फरार चल रहा था, जिसे 13 साल बाद रायगढ़ और चांपा आरपीएफ की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिले के नेहरु नगर भिलाई-3 स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।
मिली जानकारी के अनुसार मराठा गैंग का फहीम खान पिता अब्दुल नईम 45 वर्ष (वर्तमान उम्र 58 वर्ष) निवासी नेहरू नगर थाना भिलाई-3 जिला दुर्ग ने अपने एक दर्जन साथियों के साथ विगत 2013 में खरसिया-रायगढ़ के बीच रेलवे लाइन का चोरी किया था, जिसकी सूचना मिलते ही रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट प्रभारी द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा 3 (ए) आरपी(यूपी) एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों की धर-पकड़ शुरू किया, जिससे 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर बिलासपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया, लेकिन मुख्य आरोपी फहीम खान उसी समय से फरार हो गया था। जिससे बिलासपुर कोर्ट द्वारा कई बार समन जारी किया गया, लेकिन आरोपी उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में कोर्ट से वारंट जारी करने के बाद आरपीएफ द्वारा मुखबीर लगाया गया, जिससे सूचना मिली कि आरोपी फहीम खान अपने गृहग्राम आया हुआ है। जिससे चांपा व रायगढ़ आरोपी के संयुक्त टीम भिलाई रवाना हुई और गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया, जहां 5 सितंबर को मेडिकल जांच के बाद 5 सितंबर को बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मराठा गैंग का फरार आरोपी 13 साल बाद गिरफ्तार
खरसिया-रायगढ़ के बीच रेल पटरी किए थे चोरी



