रायगढ़/सारंगढ़। पूर्ववर्ती रायगढ़ जिले और वर्तमान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित छोटा सा गांव खिचरी इन दिनों अपनी प्रतिभाओं और उपलब्धियों को लेकर चर्चा में है। करीब 500 की आबादी वाले इस गांव की शिक्षिका सुनीता यादव ने छत्तीसगढ़ से एकमात्र राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर गांव और जिले का गौरव बढ़ाया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

शिक्षिका सुनीता यादव बरमकेला के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार और उनके प्रभावी शैक्षणिक प्रयासों के लिए उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। इससे पहले भी सुनीता यादव को राज्य शिक्षक पुरस्कार एवं मुकुटधर पांडेय स्मृति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान उन्हें राजभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में राज्यपाल के हाथों प्राप्त हुए थे।
कृषि से लेकर रक्षा और मेडिकल तक गांव की प्रतिभाओं का दबदबा
खिचरी की पहचान केवल शिक्षक पुरस्कारों तक सीमित नहीं है। लगभग 500 की आबादी वाले इस गांव के युवा शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा, इंजीनियरिंग, वित्त और पुलिस समेत विभिन्न क्षेत्रों में चयनित होकर देश और प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में गांव के लेफ्टिनेंट कमांडर कृपासिंधु पटेल इंडियन नेवी में हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में तथा लेफ्टिनेंट मनीष पटेल नेवी ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कृषि क्षेत्र में किशन पटेल, पिता दयाराम पटेल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के गोल्ड मेडलिस्ट एवं टॉपर रह चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित भी किया जा चुका है। वर्तमान में वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि वैज्ञानिक के रूप में पंजाब में पदस्थ हैं। मेडिकल क्षेत्र में गांव की बेटी अर्चना पटेल, पिता मनोहर पटेल, महासमुंद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं आतिश महंत, पिता उदयनाथ महंत, कोरबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हैं। इंजीनियरिंग क्षेत्र में गांव के युवा हलधर पटेल, जो अपने समय में त्र्रञ्जश्व टॉपर रहे हैं, वर्तमान में एनएमडीसी के हैदराबाद मुख्यालय में डिप्टी मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वहीं गांव से जुड़े महेश पटेल और सुरेश पटेल, पिता सुनील पटेल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में क्रमश: जर्मनी और अमेरिका में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा विनोद पटेल मुंबई में कोटक महिंद्रा में राष्ट्रीय स्तर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके अनुज प्रमोद पटेल तहसीलदार के रूप में राजस्व विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। अनिल सिदार वित्त विभाग, मंत्रालय रायपुर में कार्यरत हैं, जबकि उनके भाई आकाश सिदार पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस विभाग में ही गांव के गजानंद पटेल एवं केशव चौहान भी कार्यरत हैं। वहीं अजय पटेल, पिता स्व. प्रेमलाल पटेल, का मंडी निरीक्षक के रूप में चयन हो चुका है। गांव के एक दर्जन से अधिक युवा शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा बिजली विभाग, राजस्व विभाग समेत अन्य सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में भी गांव के कई युवा कार्यरत हैं। खिचरी की यह उपलब्धियां बताती हैं कि सीमित आबादी वाला यह गांव प्रतिभाओं की उर्वरा भूमि बनकर उभरा है। शिक्षा से लेकर प्रशासन, कृषि, रक्षा, चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्र तक गांव के युवाओं की मौजूदगी न केवल ग्रामीणों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
एक ही गांव से कई शिक्षक सम्मान
खिचरी की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुकता। इसी गांव की शिक्षिका सरिता सिदार को इस वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सरिता सिदार शिक्षा के साथ विभिन्न खेल गतिविधियों में भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सहभागी, कोच, रेफरी और प्रेरक की भूमिका निभा चुकी हैं। वहीं, ग्राम खिचरी के निवासी और वर्तमान में तारापुर हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता भोजराम पटेल को वर्ष 2023 में राज्य शिक्षक पुरस्कार तथा वर्ष 2025 में डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट जिला संगठक एवं श्रेष्ठ कार्यक्रम अधिकारी का पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। ग्राम के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच मनोहर पटेल ने कहा कि यह पूरे गांव के लिए गौरव का विषय है कि यहां की प्रतिभाओं को अब तक पांच राज्यपाल पुरस्कार और एक राष्ट्रपति पुरस्कार सहित मुख्यमंत्री पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को ग्रामवासियों की ओर से बधाई देते हुए कहा कि गांव की बेटियां और युवा लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव की बेटी अनिता पटेल, जो आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, को शिक्षिका सुनीता यादव के साथ राष्ट्रपति भवन, रायसीना हिल्स जाने का अवसर मिला। गांव के लिए यह भी गौरव और हर्ष का विषय रहा।



