सारंगढ़। कभी कच्ची दीवारों और टपकती छत के बीच परिवार की सुरक्षा की चिंता करने वाली ग्रापं धनसीर की श्रीमती सहोदरा व लक्ष्मण अब अपने पक्के घर में सुकून साथ जीवन-यापन कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वर्षों से पक्के मकान का सपना उनके परिवार के लिए पूरा कर पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 24-25 में आवास स्वीकृत होने के बाद परिवार का यह सपना पूरा हुआ और उन्हें सुरक्षित आवास मिल सका। ग्राम धनसीर निवासी सहोदरा के परिवार पहले कच्चे मकान में रहते थे। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास की स्वीकृति उनके लिए बड़ी राहत ले कर आई। वित्तीय वर्ष 24-25 में आवास स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और सहोदरा के परिवार को पक्का मकान मिल गया। अब परिवार बारिश के दिनों में छत टपकने या कच्ची दीवारों के कमजोर होने की चिंता से मुक्त है। पक्के मकान के साथ परिवार को शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी लाभ मिला है, जिससे रोजमर्रा के जीवन में सुविधा बढ़ी है।
श्रीमती सहोदरा बताती हैं कि कच्चे मकान में रहने के दौरान सबसे अधिक परेशानी बरसात के समय होती थी। छत से पानी टपकने और घर की स्थिति खराब होने से परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने स्तर पर पक्का मकान बनवाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के माध्यम से आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना पूरा हो गया। वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताती हैं कि शासन की योजना से उनके परिवार को पक्का और सुरक्षित घर मिल सका। अब उनका परिवार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और बरसात के दौरान घर की चिंता नहीं रहती। आवास मिलने के साथ सहोदरा के परिवार को शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिला है। पक्के मकान में इन मूलभूत सुविधाओं के उपलब्ध होने से परिवार के दैनिक जीवन में सहूलियत बढ़ी है। वर्तमान में सहोदरा का परिवार ग्राम धनसीर में अपने पक्के मकान में निवास कर रहा है।
पीएम आवास ने बदली सहोदरा की जिंदगी



