पखांजूर। नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ती आवारा मवेशियों की समस्या अब किसानों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है। खुले में घूम रहे मवेशी जहां सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित कर रहे हैं, वहीं खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की इस समस्या को लेकर पखांजूर के समाजसेवकों ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में समाजसेवकों ने तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं।जिसमे पखांजूर नगर पंचायत क्षेत्र में अभियान चलाकर आवारा मवेशियों की पहचान एवं गणना कराई जाए,वही पकड़े गए मवेशियों को सुरक्षित एवं निर्धारित स्थान पर रखने की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है,साथ ही किसानों की फसलों को आवारा मवेशियों से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्था किए जाने की है।
समाजसेवकों ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में मवेशी बिना किसी रोक-टोक के सडक़ों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और खेतों में घूम रहे हैं। मवेशियों के खेतों में पहुंचने से किसानों की मेहनत से तैयार हो रही फसलों को नुकसान हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। वहीं मुख्य सडक़ों पर मवेशियों के झुंड के कारण सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और नगर पंचायत से आवारा मवेशियों की पहचान एवं गणना के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की गई है। साथ ही पकड़े जाने वाले मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए निर्धारित स्थान पर उचित व्यवस्था किए जाने की मांग की गई, ताकि सडक़ और खेतों में मवेशियों के खुले विचरण पर रोक लगाई जा सके।
ज्ञापन में एक अन्य गंभीर मुद्दे की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है। समाजसेवकों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि कुछ मवेशियों को रात के समय पैदल अथवा वाहनों के माध्यम से बांदे और पखांजूर क्षेत्र से महाराष्ट्र सीमा की ओर ले जाया जा रहा है।हालांकि इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समाजसेवकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मवेशियों को किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से सीमा की ओर ले जाया जा रहा है। जांच में यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
समाजसेवकों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या केवल किसानों की फसल तक सीमित नहीं है। इससे सडक़ सुरक्षा, पशुओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में प्रशासन और नगर पंचायत को मामले को गंभीरता से लेते हुए मवेशियों की पहचान, सुरक्षित रखने की व्यवस्था तथा किसानों की फसलों को बचाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
आवारा मवेशियों से किसानों की फसल पर संकट
समाजसेवकों ने अनुविभागीय अधिकारी को सौंपकर ज्ञापन



