बिलासपुर। राष्ट्र के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में मंडल रेल प्रबंधक श्री राकेश रंजन ने वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री सौरभ कुमार की अगुवाई में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती रीता श्रीवास्तव, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री के. श्रीनिवास एवं श्री जे.एस. मीना, शाखाधिकारी, मान्यता प्राप्त यूनियनों एवं एसोसिएशनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय रेल देश की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। बिलासपुर मंडल माल ढुलाई, यात्री परिवहन, अधोसंरचना विकास एवं आधुनिक यात्री सुविधाओं के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में निरंतर योगदान दे रहा है।
उन्होंने बताया कि यात्री सुविधाओं के विस्तार के तहत बिलासपुर स्टेशन पर कोकोनट कैफे जंक्शन, उसलापुर में स्श्वष्टक्र का प्रथम प्रीमियम ब्रांड कैटरिंग आउटलेट तथा अन्य प्रमुख स्टेशनों पर ऐसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बिलासपुर स्टेशन पर श्वङ्क चार्जिंग एवं बाइक रेंटल सुविधा विकसित की गई है तथा डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए 12 नई ्रञ्जङ्करू स्थापित की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित चांपा स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया गया है एवं विभिन्न स्टेशनों पर द्वितीय प्रवेश द्वार, आधुनिक एफओबी लिफ्ट-एस्केलेटर, यात्री सूचना प्रणाली एवं आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अधोसंरचना विकास के तहत करगीरोड-सलकारोड तीसरी लाइन तथा सक्ती-बाराद्वार-सारागांव रोड चौथी लाइन का कमीशनिंग पूरा कर परिचालन प्रारंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त 48 रूट किलोमीटर में ऑटो सिग्नलिंग, यार्ड रिमॉडलिंग एवं अतिरिक्त लूप लाइन, 54.41 ट्रैक किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण, 103 ट्रैक किलोमीटर डीप स्क्रीनिंग तथा लगभग 173 ट्रैक किलोमीटर में सेक्शन स्पीड बढ़ाने के कार्य किए गए हैं।
संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष 15 विशेष संरक्षा अभियान चलाए गए तथा उत्कृष्ट संरक्षित कार्य के लिए 20 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए। तकनीकी नवाचार के तहत स्क्रैप सामग्री से कम लागत में रेन वाटर इंग्रेस चेकिंग टेस्ट बेंच विकसित की गई है। वहीं, इस वर्ष 62 लोको में कवच प्रणाली स्थापित होने के साथ मंडल में कुल 78 लोको कवच युक्त हो चुके हैं। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यात्रियों एवं रेल संपत्ति की सुरक्षा के साथ मानवीय सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया गया है। इस वर्ष अब तक 73 परिवार से बिछड़े बच्चों/युवतियों को उनके परिजनों से मिलाया गया तथा 196 यात्रियों का छूटा सामान सुरक्षित वापस कराया गया। जन विश्वास एक्ट 2026 के अंतर्गत 2530 मामलों में लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मंडल के सौर ऊर्जा संयंत्रों से इस वर्ष 7.54 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर लगभग 33 लाख रुपये की बचत की गई है। साथ ही 900केडब्लूएच क्षमता के नए सौर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 83 लाख रुपये की बचत होने की संभावना है। कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में इस वित्तीय वर्ष अब तक 21 अनुकंपा नियुक्तियों सहित 940 नई नियुक्तियां, 249 कर्मचारियों को एमएसीपी का वित्तीय लाभ तथा 357 कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य शिविरों एवं रोड मोबाइल मेडिकल यान के माध्यम से 3105 कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंडल रेल प्रबंधक ने मंडल की इन उपलब्धियों का श्रेय समस्त रेल परिवार की अथक मेहनत, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट टीम भावना को देते हुए यूनियनों एवं एसोसिएशनों के निरंतर सहयोग तथा मीडिया की सकारात्मक, रचनात्मक एवं जनहितकारी भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया।
शान से लहराया तिरंगा, मंडल रेल प्रबंधक ने किया ध्वजारोहण



