रायगढ़। जिले में एक स्कॉर्पियो हादसे का शिकार हो गई थी। जांच के दौरान गाड़ी से चोरी का डीजल और सब्बल मिला। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि स्कॉर्पियो में फर्जी नंबर लगाया गया था और मामला डीजल चोरी का है। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, फरवरी में अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने एनएच-49 के किनारे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। गाड़ी का ड्राइवर और उसमें सवार लोग मौके से फरार हो गए थे। जूटमिल पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें 10 लीटर डीजल से भरी प्लास्टिक की जरिकेन, करीब 2 मीटर लंबा प्लास्टिक पाइप, दोनों तरफ नुकीला लोहे का सब्बल, दो मोबाइल और अलग-अलग नंबर वाली नंबर प्लेट मिलीं। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने गाड़ी और सामान जब्त कर जांच शुरू की। गाड़ी पर जो नंबर लिखा था, उसकी परिवहन विभाग से जांच कराई गई, लेकिन उस नंबर का कोई वाहन रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद गाड़ी के अंदर मिली दूसरी नंबर प्लेट के आधार पर जांच की गई। इंजन और चेचिस नंबर की जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो कोरबा के तुलसीनगर निवासी मधुर निर्मलकर के नाम पर रजिस्टर्ड है।
स्कॉर्पियो किराए पर ली थी पूछताछ में गाड़ी के मालिक और उसके भाई शेखर निर्मलकर ने बताया कि स्कॉर्पियो को 30 दिसंबर 2025 को जांजगीर-चांपा जिले के बगडबरी निवासी पुरुषोत्तम यादव को 45 हजार रुपए महीने के किराए पर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को संदीप कुमार डहरिया (34), निवासी बिरगहनी, थाना बलौदा और सुनील कुमार केवंट (30), निवासी खम्हरिया, जिला कोरबा के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम यादव के कहने पर उन्होंने स्कॉर्पियो की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी।
भागने के दौरान पलट गई स्कॉर्पियो
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद संदीप, सुनील, शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे के साथ रायगढ़ शहर पहुंचे। यहां उन्होंने हाईवे पर खड़े एक ट्रेलर से डीजल चोरी की। आरोपियों ने ट्रेलर की डीजल टंकी का लॉक तोडक़र डीजल निकालना शुरू किया। इसी दौरान ट्रेलर के ड्राइवर की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया। इसके बाद सभी आरोपी स्कॉर्पियो से तेजी से भागने लगे। भागते समय स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एनएच-49 के किनारे पलट गई। हादसे के बाद आरोपी गाड़ी छोडक़र मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव (48) ग्राम बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा का रहने वाला है। उसके खिलाफ कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में चोरी और अन्य मामलों के 5 प्रकरण दर्ज हैं। फिलहाल पुरुषोत्तम यादव एक दूसरे मामले में 26 जून 2026 से केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद है। उसके खिलाफ सिरगिट्टी थाना, बिलासपुर में बीएनएस की धारा 303(2), 111, 309(4), 3(5) और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश जारी
जूटमिल पुलिस ने कोर्ट से पुरुषोत्तम यादव की औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति ले ली है। इसके लिए पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट भी हासिल किया है। अब पुरुषोत्तम को बिलासपुर केंद्रीय जेल से रायगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी। वहीं, इस मामले में फरार शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे की तलाश पुलिस कर रही है। जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद जूटमिल पुलिस ने सुनील कुमार केंवट और संदीप कुमार डहरिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया।
आरोपियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले से गुजरने वाले हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को पुलिस गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि जांच में इस गिरोह के जिन अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं, उनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों, फर्जी नंबर प्लेट और डीजल चोरी के नेटवर्क पर भी पुलिस की नजर है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



