रायगढ़। सावन मास की शिवरात्रि आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर शहर के हृदय स्थल सतीगुड़ी चौक स्थित श्री भरतकूप शिव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया। 27 कूपों के सिद्ध जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने और दर्शन लाभ लेने हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
59 साल पुराना है आस्था का केंद्र
नगर के दानवीर सेठ किरोड़ीमल द्वारा विक्रम संवत 2021 में निर्मित इस श्वेत संगमरम के मंदिर को इस वर्ष 59 वर्ष पूरे हो गए हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां शिवलिंग के साथ भैया भरत, रामभक्त हनुमान और मां दुर्गा की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित हैं। गर्भगृह में माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी विराजमान हैं। लाल ध्वजा, 3 प्रवेश द्वार और रामचरितमानस की चौपाइयों से सजी दीवारें मंदिर की शोभा बढ़ाती हैं।
‘भरत कूप’ का जल है सबसे खास
इस मंदिर की पहचान बना ‘भरत कूप’। मान्यता है कि इस कूप में 27 पवित्र तीर्थों का जल मिश्रित है। मंदिर के पुजारी पं. कमल किशोर शर्मा ने बताया इसी कारण इस जल को सभी शुभ कार्यों में सर्वोच्च महत्व दिया जाता है। यदि किसी कारणवश पिता नवजात का मुख नहीं देख पाता, तो भरत कूप का जल लाकर पूजा के बाद दर्शन किया जा सकता है। गृह प्रवेश, विवाह, हवन में भी इस जल का प्रयोग होता है।
सावन भर विशेष आयोजन
सावन शिवरात्रि के साथ ही मंदिर में पूरे सावन मास के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं- हर सावन सोमवार को प्रात: रुद्राभिषेक, शाम को शहर की भजन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन, भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर में रंग-रोगन और साफ-सफाई, सुबह से देर रात तक जलाभिषेक की व्यवस्था, पं. कमल शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि, सावन शिवरात्रि, हनुमान जयंती और नवरात्रि में यहां विशेष पूजा होती है। आज सावन शिवरात्रि पर दिनभर भजन-कीर्तन होगा। जो भक्त व्यक्तिगत, परिवार या सामूहिक रुद्राभिषेक कराना चाहते हैं, वे पं. कमल शर्मा – 98271 77019 पर संपर्क कर सकते हैं। रायगढ़ का भरतकूप शिव मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, इतिहास और आस्था का प्रतीक है। सावन में यहां गूंजता ‘हर हर महादेव’ का जयकारा पूरे शहर को शिवमय कर देता है।



