रायगढ़। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने और लंबित प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में नक्शा बंटांकन, छह माह से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरण, स्वामित्व योजना, मसाहती ग्रामों का राजस्व सर्वेक्षण, बकेट क्लेम रिपोर्ट, ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित प्रकरण, भूमि पुनर्निर्धारण आवेदन, पट्टाधृति सर्वेक्षण एवं राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की तहसीलवार समीक्षा की।
नक्शा बंटांकन में कम प्रगति पर जताई नाराजगी
कलेक्टर ने नक्शा बंटांकन कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरण सीधे आम नागरिकों के अधिकारों और हितों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके निराकरण की गति बढ़ाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले तहसीलदारों से लेकर पटवारियों तक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर कई राजस्व अमलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छह माह से अधिक लंबित प्रकरणों को दें प्राथमिकता
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से छह माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने कहा। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर नियमित निगरानी करने तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना और सर्वेक्षण कार्यों को समय-सीमा में करें पूरा
बैठक में कलेक्टर ने स्वामित्व योजना, नक्शा बटांकन, बकेट क्लेम, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, भूमि पुनर्निर्धारण आवेदन तथा पट्टाधृति सर्वेक्षण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण एवं राजस्व अभिलेखों के अद्यतीकरण से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी मैदानी स्तर पर कार्यों की प्रगति की निगरानी करते हुए समय पर लक्ष्य पूरा कराएं।
राजस्व कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में समयबद्धता के साथ जवाबदेही भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को अपने क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों में त्वरित और नियमानुसार राहत मिले, यह सभी राजस्व अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित जिले के सभी अनुविभागों के एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।



