रायगढ़। शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित ‘डिज्नीलैंड मेले’ को लेकर जिला प्रशासन ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, तकनीकी खामियों और आम जनता से मनमानी वसूली की तैयारियों को संज्ञान में लेते हुए रायगढ़ कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम द्वारा मेले के अनुमति आवेदन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
आयोजकों द्वारा मेले में लगाए जाने वाले विभिन्न झूलों की दरें अत्यधिक और अनियंत्रित तय की गई थीं। नियम के अनुसार प्रत्येक झूले के बाहर स्पष्ट रूप से स्वीकृत दर तालिका प्रदर्शित करना अनिवार्य होता है, लेकिन आयोजकों द्वारा दरों को पारदर्शी रखने की कोई योजना प्रस्तुत नहीं की गई थी। मेले के मुख्य द्वार पर प्रवेश के लिए ‘गेट एंट्री टिकट’ लागू करने की तैयारी थी। प्रवेश टिकटों के माध्यम से होने वाली आय और टिकट काउंटरों का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिससे स्थानीय निकाय के राजस्व और कर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई।
मेले में जायंट व्हील, ब्रेक डांस, रोलर कोस्टर और टोरा-टोरा जैसे भारी-भरकम झूले स्थापित किए जा रहे थे। आयोजकों द्वारा इन झूलों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी (ढांचागत सुरक्षा) और लोक निर्माण विभाग या मेकेनिकल इंजीनियर से जारी वैध फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया गया था। इससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने की आशंका थी। जांच दल द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मेले में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्रों, पानी की व्यवस्था और आपातकालीन निकास का कोई ठोस ढांचा तैयार नहीं था।
जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विद्युत सुरक्षा और फायर ब्रिगेड की अंतिम अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना ही आयोजकों द्वारा स्थल पर झूलों और टिकट काउंटरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, जो सीधे तौर पर नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन है। प्रस्तावित मेला स्थल के आसपास पार्किंग की पर्याप्त और व्यवस्थित जगह न होने के कारण त्यौहार के दौरान शहर में गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होना तय था।
रायगढ़ एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा तथा आर्थिक शोषण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आयोजकों को तुरंत प्रभाव से झूलों का ढांचा हटाने और परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस और नगर निगम की टीम को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुमति के यदि गेट एंट्री फीस लेने या झूलों का संचालन करने का प्रयास किया गया, तो संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जहाँ एक ओर मेले के निरस्त होने से त्यौहार का आकर्षण थोड़ा कम हुआ है, वहीं दूसरी ओर झूलों के मनमाने किराए, गेट एंट्री वसूली और सुरक्षा संबंधी खतरों को समय रहते रोकने पर प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन के इस निर्णय की सराहना की है।
जन्माष्टमी डिज्नीलैंड मेले का अनुमति आवेदन निरस्त
झूलों के किराए, गेट एंट्री फीस व सुरक्षा में गंभीर गड़बडिय़ों पर कलेक्टर-एसडीएम की गाज



