रायगढ़। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में आज कारगिल विजय दिवस एवं गुरु पूर्णिमा का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, कारगिल के अमर शहीदों तथा गुरुओं को प्रणाम करते हुए गायत्री मंत्र के उच्चरण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कारगिल के वीर शहीदों को याद किया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय चैहान ने कहा कि कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। कारगिल के वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से भारत की अस्मिता की रक्षा की, जिसका राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों का भी मार्गदर्शन करता है। विद्यार्थियों को अपने गुरुओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना बनाए रखते हुए शिक्षा को समाज एवं राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाना चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तरूण धर दीवान ने अपने उद्बोधन में कहा कि कारगिल के अमर वीरों का शौर्य और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें उनके त्याग से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डॉ. रोहिणी आर्या, प्रभारी अधिकारी (स्था.प्रशा.), श्री सुनील कुमार अग्रवाल, प्रभारी अधिकारी (परीक्षा), डॉ. नीरजा तिवारी सिंह, प्रभारी अधिकारी (अकादमी) एवं समस्त कर्मचारिगण उपस्थित थे।
शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में कारगिल विजय दिवस एवं गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई



