NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: बादलखोल अभयारण्य के स्थायी बैरियर बना ‘सफेद हाथी’!
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > छत्तीसगढ़ > बादलखोल अभयारण्य के स्थायी बैरियर बना ‘सफेद हाथी’!
छत्तीसगढ़

बादलखोल अभयारण्य के स्थायी बैरियर बना ‘सफेद हाथी’!

गेट खुले, जांच बंद...महीनों से नए बैरियर का प्रस्ताव फाइलों में कैद, जंगल की सुरक्षा भगवान भरोसे

lochan Gupta
Last updated: July 24, 2026 12:25 am
By lochan Gupta July 24, 2026
Share
6 Min Read

नारायणपुर। जिले के एकमात्र बादलखोल अभयारण्य की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जंगल की रक्षा के लिए लगाए गए बैरियर अब सुरक्षा कवच नहीं, बल्कि महज दिखावे का इंतजाम बनकर रह गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेन्द और साहीडाँड़ के स्थायी बैरियर दिन-रात खुले रहते हैं, वाहनों की जांच नहीं होती और रात के समय कर्मचारी भी नदारद रहते हैं। ऐसे में अभयारण्य में कौन आया, कौन गया और कौन लकड़ी लेकर निकल गया, इसकी निगरानी नहीं के बराबर है।
स्थिति यह है कि जिन बैरियरों का उद्देश्य वन माफियाओं और तस्करों की कमर तोडऩा था, वहीं बैरियर अब उनके लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ साबित हो रहे हैं। अभ्यारण्य के अंदर से आने जाने वाले वाहनों को बिना रोक-टोक आने-जाने की खुली छूट मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह भी है कि करीब सात महीने पहले वन विभाग ने डूमरपानी, साजापानी, बच्छरांव, गायलूंगा, जोराजाम और बेने जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नए बैरियर लगाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय भेजा था। उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा स्वयं बेने गांव पहुंचकर उनके द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया, रेंज कार्यलय को दिए गए निर्देश के वावजूद आज तक बेने में नए बैरियर जमीन पर नजर नहीं आए। प्रस्ताव अब भी फाइलों में धूल फांकता बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौजूदा बैरियरों पर 24 घंटे निगरानी और सख्त जांच व्यवस्था लागू कर दी जाए तथा प्रस्तावित नए बैरियर शीघ्र बना दिए जाएं, तो अभयारण्य में होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

स्थायी बैरियर हैं, लेकिन जांच नहीं

सबसे हैरानी की बात यह है कि वन विभाग द्वारा बेन्द और साहीडाँड़ में पहले से स्थायी बैरियर लगाए गए हैं और वहां कर्मचारियों की नियुक्ति भी की गई है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों बैरियर दिन रात खुले रहते हैं। अभयारण्य की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की जांच तक नहीं होती। रात के समय कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं रहता, जिससे तस्करों को अवैध लकड़ी निकालने में और अधिक आसानी हो जाती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है-जब जंगल की सुरक्षा के लिए बने बैरियर ही खुले छोड़ दिए जाएं तो आखिर बादलखोल अभयारण्य की रक्षा किसके भरोसे है?

एक साल पूर्व 12 विशाल साल वृक्ष काटे गए

बादलखोल अभयारण्य में अवैध कटाई का सबसे बड़ा मामला 14 अगस्त 2025 की रात सामने आया था। साहीडाँड़ सर्किल क्षेत्र में तस्करों ने एक साथ 12 से अधिक विशाल साल के पेड़ काट दिए थे।  इन पेड़ों की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। हालांकि किसी कारणवश तस्कर लकड़ी ले नहीं जा सके। घटना की जानकारी विभाग को दो दिन बाद मिली, जिसके बाद लकड़ी जब्त कर डिपो पहुंचाई गई। बेरियर में लगातार सघन जांच होते रहता तो तस्करों का हौंसला बुलंद नही होता। लोगों के अनुसार बादलखोल अभयारण्य के इतिहास में यह पहली घटना थी जब इतनी बड़ी संख्या में साल के वृक्ष एक साथ काटे गए। इसके बावजूद न तो किसी बड़े अधिकारी की जिम्मेदारी तय हुई और न ही संबंधित रेंज, सर्किल या बीट स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की गई। मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया।

मुखबिर तंत्र और रात्रि गश्त बढ़ाने की जरूरत

वन संरक्षण को लेकर जागरूक लोगों का कहना है कि केवल प्रस्ताव बनाकर भेज देने से जंगल नहीं बचेंगे। विभाग को नियमित रात्रि गश्त, संवेदनशील मार्गों पर स्थायी जांच चौकियां, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही पकड़े जाने वालों  पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो ताकि जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों में कानून का भय पैदा हो। बादलखोल अभयारण्य जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में जब बैरियर लगाने का प्रस्ताव महीनों से लंबित है, मौजूदा बैरियर निष्क्रिय हैं तो आखिर वन संपदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? अब देखना होगा कि विभाग इस ओर गंभीर कदम उठाता है या फिर तस्करों को इसी तरह जंगलों को उजाडऩे का मौका मिलता रहेगा।
बेन्द ओर साहीडाँड़ में दो बेरियर है दोनों में एक-एक चौकीदार नियुक्त है 24 घंटा डियूटी करना सम्भव नही है। चार नए बेरियर का प्रस्ताव भेजा गया है स्वीकृति मिलते ही बेरियर लगाए जाएंगे।

आशुतोष भगत-अधीक्षक बादलखोल अभ्यारण्य -नारायणपुर

बादलखोल अभ्यारण्य की उपेक्षा के कारण आज यह अभ्यारण्य धरातल पर नहीं बल्कि कागजों में सिमट कर रह गया है यह न केवल जैव विविधता के संरक्षण का केंद्र है बल्कि जशपुर जिले का फेफड़ा भी था लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण जशपुर का यह फेफड़ा नष्ट होने के कगार पर है।
रामप्रकाश पाण्डे – अधिवक्ता एवं वन प्रेमी – जशपुर

You Might Also Like

कुम्हारी टोल प्लाजा हटाने की मांग

उप मुख्यमंत्री साव ने सक्ती जिले को दी विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

जुआ फड़ मामले में बड़ा एक्शन

मैनपाट प्रशिक्षण शिविर : सीएम साय और प्रदेश प्रभारी नबीन ने बजाया मांदर

तिल्दा के अब्रसिव प्लांट में करंट से मजदूर की मौत

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article बीमार किशोरी से दरिंदगी करने वाले दरिंदे को उम्रकैद, इलाज के बहाने झाडिय़ों में ले जाकर किया था दुष्कर्म
Next Article ट्रक ने बाइक चालक को मारी टक्कर, स्थिति गंभीर

खबरें और भी है....

1 लाख रुपए रिश्वत लेते प्रभारी सिविल सर्जन एसीबी के हत्थे चढ़ा
रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर-सीएम साय
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को किया ब्लैकमेल
मां-बेटी हत्याकांड की गुत्थी अभी भी अनसुलझी
अगस्त से सरकारी आफिसों के बिजली बिल होगा प्रीपेड

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा
दृष्टिहीन मिथिला का मौके पर बना राशन कार्ड, शारीरिक रूप से असमर्थ लोगों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से लाभान्वित करने के दिए निर्देश

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?