रायगढ़। चिन्हारी साहित्य समिति एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में विगत दिवस वृंदावन हाल सिविल लाइंस रायपुर में शाहजहां बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर के भाव पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम में साहित्य शिक्षा संस्कृति एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों साहित्यकारों एवं रचनाकारों का सम्मान किया गया जिसमें रायगढ़ जिले से रीता श्रीवास्तव को साहित्य के क्षेत्र में सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन परिवहन सहकारिता संसदीय कार्य छत्तीसगढ़ शासन केदार कश्यप रहे। विशिष्ट अतिथियों अनुज शर्मा विधायक धरसींवा, प्रभात मिश्रा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, अमित चिमनानी बीजेपी छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रवक्ता डॉ गीता देव, डॉ के शारदा, प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले, प्राचार्य जेबीडी कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ, पंचायत सचिव और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुई। समारोह का मुख्य आकर्षण बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर का विधिवत विमोचन रहा पुस्तक के संपादक वीरेंद्र कुमार साहू प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला चांगोरी संकुल केंद्र भटना विकासखंड पाटन जिला दुर्ग ने बताया कि यह संग्रह हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा की 121वीं कविता थीम आधारित बाल कविताओं से सुसज्जित है जीएलएन ने शिक्षा नीति 2020 के निहित उद्देश्य एवं समावेशी शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कविता की रचना किया गया तथा साथ कर कोड जोड़ा गया है जिससे बच्चे शिक्षक एवं पलक तथा विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थी भी कविताओं को डिजिटल माध्यम से सन एवं समझ सकेंगे यह पुस्तक छत्तीसगढ़ में बाल साहित्य डिजिटल नवचर का एक अभिनव प्रयास है मोर अंगना के शोर नामक पुस्तक गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी नॉमिनेशन हो गई है मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है तथा बाल साहित्य आने वाली पीढ़ी के संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है उन्होंने पुस्तक में डिजिटल तकनीक एवं समावेशी शिक्षा के समन्वय की सहारण करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादाई पहल बताया अध्यक्ष जी उद्बोधन में मीना रानी दुबे ने कहा कि अमर चिन्हारी साहित्य सीमित प्रदेश के साहित्यकारों शिक्षकों एवं नवोदय रचनाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने सभी सहयोगियों रचनाकारों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए साहित्य सृजन की यात्रा को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया मोर अंगना के शोर शाहजहां बाल काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के शिक्षकों की सहभागिता रहा सभी सहभागी शिक्षकों को मंत्री जी एवं अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो से सम्मानित किया गया इस अवसर पर पुस्तक से जुड़े सभी रचनाकारों साहित्यकारों रिजॉर्ट शिक्षकों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया कार्यक्रम में खैरागढ़ विश्वविद्यालय से संगीत शिक्षा प्राप्त साथियों धनेश रजक एवं स्वामी द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े गीत संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्र मुग्ध कर दिया।



