रायगढ़। साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के अध्यक्ष शशांक शर्मा (राज्य मंत्री दर्जा) द्वारा रायगढ़ आगमन के दौरान प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ.मीनकेतन प्रधान पूर्व प्राध्यापक किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रायगढ़, संस्थापक विश्व हिन्दी अधिष्ठान रायगढ़ के आवासीय कार्यालय में भेंट कर सम्मान किया गया। उनके साथ अरुण कुमार कातोरे, संजय अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, अनुपम पाल, साहिल मनिहार, लक्की देवांगन उपस्थित थे। डॉ.मीनकेतन प्रधान ने साहित्यिक योजनाओं और शोधपरक अकादमिक गतिविधियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान बताया। उन्होंने स्थानीय शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय चौहान और थावे विद्यापीठ गोपाल गंज बिहार के कुलपति डॉ. विनय पाठक से विगत दिनों हुए विमर्श का हवाला देते हुए आदिवासी बाहुल्य रायगढ़ अंचल में एक शोध पीठ की स्थापना को आवश्यक बताया। इस दिशा में विश्वविद्यालय और शासन स्तर पर आवश्यक पहल की अपेक्षा की गई। विगत कई वर्षों से रायगढ़ में संचालित राष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के संदर्भ में उन्होंने आगामी साहित्यिक आयोजन की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा से चर्चा, करते हुए उनके नेतृत्व में रायपुर साहित्योत्सव की व्यापक सफलता को अत्यंत महत्त्वपूर्ण और स्मरणीय बताया। उसी के परिप्रेक्ष्य में रायगढ़ के आयोजनों के संदर्भ में अध्यक्ष ने साहित्यिक सांस्कृतिक क्षेत्र में सराहनीय पहल निरूपित कर अपेक्षित क्रियान्वयन की बात कही। इस दिशा में अधिष्ठान द्वारा केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय नई दिल्ली तथा सोफिया विश्वविद्यालय यूरोप से संयुक्त तत्वावधान की पहल की जा रही है। इसके माध्यम से हिन्दी भाषा साहित्य की मुख्यधारा धारा के साथ ही भारत की प्रादेशिक और क्षेत्रीय मातृभाषाओं से संबंधित साहित्य के अन्तर्संबंधों का शोध परक तुलनात्मक अध्ययन शोधार्थियों द्वारा करवाया जा सकेगा। अधिष्ठान के मूल उद्देश्यों में यह महत् योजना सम्मिलित है। जिसके लिए देश- विदेश से जुड़े साहित्यकार सकारात्मक रूप से अपेक्षित सहयोग कर रहे हैं। इसमें भारत से लगभग सभी प्रदेश के साहित्यकार ओर बुद्धिजीवियों की सहभागिता है। अन्य देशों के प्रवासी साहित्यकारों की भी संलग्नता अत्यंत सराहनीय है। भेंट के दौरान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा को डॉ. मीनकेतन प्रधान ने अपनी पुस्तकें भेंट की जिसे देखकर अध्यक्ष ने रायगढ़ अंचल के इस साहित्यिक योगदान को सराहनीय और हिन्दी के विकास की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया।
इस विमर्श और भेंट को सार्थक पहल मानते हुए डॉ. विनय कुमार पाठक,डॉ. मौना कौशिक (बल्गारिया), मनीष पांडेय, अश्विनी केगांवकर (नीदरलैंड), रेखा मैत्रा (अमेरिका), डॉ. बेठियार सिंह साहू, डॉ. सौरभ सराफ, चिरंजीव राव, डॉ. रमेशचन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. विनोद वर्मा, डॉ. ज्ञानेश्वरी सिंह, पंकज रथ शर्मा, प्रमोद झा,काव्यांशी मिश्रा, अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर, मनहरण सिंह ठाकुर, हारावती पटेल, मणिशंकर दुबे, गौतम झा, सोनल मावतवाल श्रीवास, राहुल पंडा, हरिशंकर गौराहा, जगदीश यादव, जानकी साव, डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, लोचन गुप्ता, डॉ. एस. पी. गुप्ता, प्रो. आर. के. पटेल, युगल किशोर पंडा एवं अन्य बुद्धिजीवियों ने बधाई दी है।
शशांक शर्मा अध्यक्ष साहित्य अकादमी का डॉ. मीनकेतन प्रधान से सहित्यिक विमर्श
आयोजन से छत्तीसगढ़ की अन्तर्राष्ट्रीय पहचान



