बिलासपुर। रेल परिचालन में संरक्षा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सजगता एवं बेहतर संरक्षा कार्य में सहभागिता निभाने वाले रेल संरक्षा के सजग प्रहरी कर्मचारियों का सम्मान महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा हर माह आयोजित संरक्षा बैठक के दौरान किया जाता है। इसी कड़ी में आज दिनांक 23 जून, 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत संरक्षा कोटि के 05 कर्मचारियो को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय संरक्षा संबंधी कार्य निष्पादन के लिए महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के द्वारा सम्मानित किया गया।
बिलासपुर रेल मण्डल के ट्रैक मेंटेनर-1 / बाराद्वार, उमाशंकर रत्नाकर टी एम् -1 ने दिनांक 01मई, 2026 को अपने ड्यूटी के दौरान खरसिया-जूनाडीह के मध्य (किमी 624/11ए-13ए) पर एसईजे टंग रेल में फैक्चर देखा, तुरंत आवश्यक प्रोटेक्शन कर इसकी सूचना अविलम्ब सर्वसम्बंधित को दिया। तत्पश्च्यात, आवश्यक कार्यवाही कर ट्रैक को ठीक किया गया। इस प्रकार श्री उमाशंकर रत्नाकर चाबीदार की सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई।
बिलासपुर रेल मण्डल के वेंकटनगर सेक्शन के चाबीदार श्री दिनेश कुमार ने दिनांक 24 मई, 2026 को अपने ड्यूटी के दौरान खरसिया- जूनाडीह के मध्य (किमी 837/25-27) पर एसईजे टंग रेल में फ्रैक्चर देखा तब तुरंत आवश्यक प्रोटेक्शन कर इसकी सूचना अविलम्ब सर्वसम्बंधित को दिया। तत्पश्च्यात, आवश्यक कार्यवाही कर ट्रैक को ठीक किया गया। इस प्रकार श्री उमाशंकर रत्नाकर चाबीदार की सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई।
रायपुर रेल मंडल के भाटापारा के वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर श्री राम नारायण टंडन ने अपने ड्यूटी के दौरान देखा कि गाड़ी संख्या हृ/्र्रक्च में देख कर सर्वसंबंधित को सूचित किया जिसके उपरांत निरीक्षण के दौरान वैगन में सीबीसी पाया गया। तत्पश्च्यात, आवश्यक कार्यवाही कर गाड़ी का सुरक्षित संचालन किया गया। इस प्रकार, इनकी सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई।
बिलासपुर मंडल के लोको पायलट (मेल-एक्सप्रेस) राम खेलावन रविदास ने ड्यूटी के दौरान बैकुंठ–सिलियारी सेक्शन के मध्य तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश के कारण किलोमीटर संख्या 799/07-09 पर ‘एक पेड़ टूटकर’ अप लाइन पर गिर गया था, जिससे रेल मार्ग बाधित हो गया था। इन्होने अपनी सूझबूझ एवं त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए नियंत्रण कक्ष को सूचित कर अप लाइन पर आते हुए एक गाड़ी को सुरक्षित खड़ा करवाया जिससे की एक संभावित बड़ी रेल दुर्घटना को टाला जा सका। इस प्रकार, इनकी सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई। इन्हें पूर्व में भी रेलवे बोर्ड स्तर पर एवं चक्रधरपुर मण्डल (दक्षिण पूर्व रेलवे) से अपने ड्यूटि के दौरान ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सम्मानित किया जा चुका है।
नागपुर मंडल के वरि.यात्री गाड़ी प्रबंधक, मुरली गोस्वामी दिनांक 13 मार्च, 2026 को गाड़ी संख्या 11202 (शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस) में ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए, मुरली गोस्वामी, खैररंजी पैसेंजर हॉल्ट के पास इन्हे अचानक एक तेज़ झटका लगा, एवं इन्होने ट्रेन के पीछे धूल का एक घना गुबार उठता देखा, जो कि ट्रेन का संभावित पटरी से उतरने का संकेत था। तत्काल इन्होने गार्ड डब्बे के आपातकालीन वाल्व के माध्यम से तुरंत ब्रेक लगाया और ट्रेन को रोकने के लिए वॉकी-टॉकी पर लोको पायलट से संपर्क किया। इनके इस त्वरित और निर्णायक कदम से ‘ट्रेन के पिछले एस.एल.आर. कोच के पटरी से उतरने’ का उपर्युक्त समय पर पता चल सका जिसकी वजह से संभावित बड़े हादसे को रोका जा सका और यात्रियों, रेल संपत्ति तथा ट्रेन संचालन की संरक्षा सुनिश्चित हुई। इन संरक्षा कोटि के कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के अवसर पर प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी, प्रधान मुख्य इंजीनियर अन्य विभागाध्यक्ष सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
संरक्षा के सजग प्रहरियों को महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने किया सम्मानित



