रायगढ़। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त निगरानी बनाए हुए है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में उर्वरक विक्रेताओं एवं परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसी का परिणाम है कि खरीफ सीजन प्रारंभ होने से अब तक जिले में उर्वरक जब्ती के 4 प्रकरण तथा विक्रय प्रतिबंध के 20 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
विकासखंड तमनार में कृषि विभाग ने अवैध उर्वरक व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सक्ती जिले के बाराद्वार से तमनार के भालूमुड़ा तक परिवहन किए जा रहे 52 बैग डीएपी उर्वरक को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक सीजी-11-एबी-3152 को भी कब्जे में लिया गया। जब्त वाहन को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए थाना तमनार में रखा गया है, जबकि जब्त उर्वरक को सेवा सहकारी समिति तमनार में सुरक्षित रखा गया है।
प्रथम दृष्टया अन्य जिले से सीधे कृषक के पास उर्वरक का भंडारण किया जाना उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 का उल्लंघन प्रतीत होता है। साथ ही जब्त डीएपी खाद की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है। विभाग द्वारा खाद के नमूने लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, ताकि इसकी गुणवत्ता एवं प्रामाणिकता की जांच की जा सके। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग की जांच के दौरान प्रतीक कृषि सेवा केंद्र, झींकाबहाल (तमनार) में भौतिक स्कंध और पीओएस स्कंध में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर पाया गया। अनियमितता सामने आने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से केंद्र के उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को निर्धारित दर पर सही गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीदारी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने नजदीकी कृषि कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
बाराद्वार से तमनार आ रही 52 बोरी डीएपी खाद जब्त



