खरसिया। कैलाश शर्मा। प्रतिभा जब कठिन परिश्रम और निरंतरता का संबल पाती है, तो सफलता का इतिहास रचती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है खरसिया के होनहार छात्र राघव अग्रवाल ने। रायगढ़ के अग्रोहा धाम में विगत 7 जून को आयोजित राज्य स्तरीय अबेकस प्रतियोगिता में राघव ने अबेकस विजुअल श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। रायगढ़ जिंदल स्कूल में कक्षा 7वीं के छात्र राघव की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि वे लगातार तीसरे वर्ष इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के चैंपियन बने हैं। विद्युत ठेकेदार विकास अग्रवाल एवं नीतू अग्रवाल के सुपुत्र राघव ने अपनी इस अद्वितीय सफलता का श्रेय अपने दादा श्याम सुंदर अग्रवाल, दादी उमा देवी अग्रवाल, नानी सुषमा देवी अग्रवाल, मौसी आरती अग्रवाल और अपने मार्गदर्शक शिक्षक रामकुमार होटा को दिया है। विद्यार्थियों के लिए संदेश ‘लक्ष्य से बड़ा कोई संकल्प नहीं’ राघव अग्रवाल की यह हैट्रिक आज के विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। निरंतरता ही सफलता की कुंजी है एक बार जीतना संयोग हो सकता है, लेकिन लगातार तीन साल तक शीर्ष पर बने रहना यह साबित करता है कि अभ्यास में कभी कमी नहीं आनी चाहिए। एकाग्रता और मानसिक कौशल का महत्व: अबेकस विजुअल श्रेणी में अव्वल आना यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, त्वरित निर्णय क्षमता और गणितीय कौशल भी बेहद जरूरी हैं।
संस्कार और कृतज्ञता – अपनी जीत का श्रेय अपने गुरु और बुजुर्गों को देकर राघव ने यह संदेश दिया है कि विद्या विनम्रता सिखाती है। बड़ों का आशीर्वाद और सही मार्गदर्शन ही सफलता का आधार स्तंभ है। समाज के लिए संदेश प्रतिभाओं को मिले प्रोत्साहन का वातावरण’ राघव की इस गौरवमयी उपलब्धि पर पूरा खरसिया नगर हर्षित है। समाज के प्रबुद्ध जनों का मानना है कि राघव की यह जीत समाज को एक नई दिशा देती है। आज के डिजिटल युग में, जहाँ बच्चे स्क्रीन और गैजेट्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहाँ राघव जैसी खेल और मानसिक कौशल अबेकस में रुचि रखने वाली प्रतिभाएँ समाज के लिए एक आदर्श हैं। समाज और अभिभावकों का यह दायित्व है कि वे बच्चों की छुपी हुई प्रतिभाओं को पहचानें, उन्हें तराशें और एक ऐसा सकारात्मक माहौल दें जहाँ वे अपनी बौद्धिक क्षमताओं का पूर्ण विकास कर सकें। राघव अग्रवाल की इस अभूतपूर्व सफलता पर उनके परिजनों, गुरुजनों, मित्रों और नगरवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की कामना की है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा में निष्ठापूर्वक प्रयास किया जाए, तो सफलता निश्चित है।
राघव ने लगातार तीसरी बार जीती राज्य स्तरीय अबेकस चैंपियनशिप
मानसिक एकाग्रता, त्वरित निर्णय क्षमता और गणितीय कौशल में अद्वितीय हैं राघव



