रायगढ़। छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध और लोक चेतना की वाहिका, सुप्रसिद्ध भरथरी गायिका स्व. सुरुज बाई खांडे जी की जयंती पर पुण्य स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर वित्त मंत्री विधायक रायगढ़ ओपी चौधरी ने कहा सुरुज बाई खांडे जी ने भरथरी, पंथी और लोक गीतों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति, पीड़ा और प्रतिरोध की आवाज को गांव-गांव, देश-विदेश तक पहुंचाया। उनकी खरखरी आवाज और माटी से जुड़े शब्दों ने छत्तीसगढ़ी अस्मिता को एक नई पहचान दी। पद्मश्री से सम्मानित होकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि लोक कला की कोई सीमा नहीं होती। सुरुज बाई जी का जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने सिद्ध किया कि कला के लिए न संसाधन बाधा बनते हैं, न पृष्ठभूमि। उनकी गायकी आज भी नई पीढ़ी के लोक कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ओपी ने लोक कलाकारों का भरोसा दिलाते हुए कहा छत्तीसगढ़ सरकार लोक कला और लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सुरुज बाई जी जैसी विभूतियां हमारी सांस्कृतिक पूंजी हैं। उनकी जयंती पर उनके गीतों को संजोएं और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं। उनका दिखाया मार्ग हम सबको लोक संस्कृति की सेवा के लिए प्रेरित करता रहे।



