जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ शासन एवं छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को त्वरित एवं सटीक न्याय दिलाने की दिषा में महत्वपूर्ण पहल करते हुये घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जॉंच करने के लिये एक आधुनिक मोबाईल फॉरेंसिक वैन जिले को आबंटित किया है, उक्त वैन को आज रक्षित केन्द्र जशपुर में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव उपाध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर, डीआईजी एवं एससपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक सिंह, एसडीएम जशपुर विष्वास राव मस्के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, उप पुलिस अधीक्षक मती आशा तिर्की, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चैहान, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर, डीपीओ साहू, एडीपीओ विवेक शर्मा, एडीपीओ सु कटकवार, राजा सोनी, अमित साय, शरद चैरसिया, आशुतोष राय, एतवा राम, हरिहर यादव, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथीगण सहित भारी संख्या में पुलिस अधि./कर्मचारी उपस्थित थे, कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को डीआईजी एवं एसएसपी द्वारा स्वागत कर आभार प्रगट किया गया। मंच का संचालन रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे द्वारा किया गया।
सर्वप्रथम डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राज्य में अपराध जांच प्रणाली को और अधिक आधुनिक, वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्टेट फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी (स्नस्रु) रायपुर द्वारा अत्याधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन की शुरुआत की गई है। यह पहल नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत वैज्ञानिक जांच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, इसी के तहत् यह फारेंसिक व्हीकल वैन जशपुर जिले को प्राप्त हुआ है। 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है।
मोबाइल फारेंसिक वैन को ‘लैब आँन व्हील्स’ के रूप में तैयार किया गया है, जिससे घटनास्थल पर ही त्वरित वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी और जांच अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी। राज्य सरकार द्वारा लगभग ?65 लाख प्रति यूनिट लागत से 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। वैन में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं मोबाइल फारेंसिक वैन में कई अत्याधुनिक उपकरण और जांच किट उपलब्ध हैं, जिनमें प्रमुख रूप से- फिंगरप्रिंट एवं फुटप्रिंट डिटेक्शन किट, डीएनए एवं ब्लड सैंपल कलेक्शन किट, नारकोटिक्स एवं रासायनिक पदार्थ परीक्षण किट, डिजिटल फारेंसिक उपकरण, सीसीटीव्ही एवं मोबाइल डेटा विश्लेषण सुविधा, बैलिस्टिक एवं बुलेट होल जांच किट, जीएसआर जांच किट, हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डीएसएलआर कैमरा एवं वीडियोग्राफी उपकरण, दस्तावेजीकरण एवं चेन ऑफ कस्टडी सिस्टम, मिनी रेफ्रिजरेटर एवं साक्ष्य संरक्षण उपकरण
वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और डिजिटल रिकार्डिंग से अपराध जांच अधिक विश्वसनीय होगी। इससे अदालतों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में मदद मिलेगी। मोबाइल फारेंसिक वैन की सहायता से पुलिस और फारेंसिक टीम अब हत्या, दुर्घटना, साइबर अपराध, नारकोटिक्स मामलों एवं अन्य गंभीर अपराधों में मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर सकेगी।
विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत ने अपने संबोधन में कहा कि आज जशपुर पुलिस के लिए यह गर्व का विषय है कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। शासन की मंशा है कि क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो तथा यदि दुर्भाग्यवश कोई अपराध घटित हो भी जाए तो नागरिकों को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय मिल सके। उन्होंने क्षेत्र में होने वाले विभिन्न अपराधों जैसे हत्या, नशे की हालत में किए जाने वाले अपराध, दुष्कर्म तथा बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में कई बार साक्ष्यों के अभाव में अपराधी न्यायालय से बरी हो जाते थे, लेकिन अब अत्याधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन एवं वैज्ञानिक जांच प्रणाली के माध्यम से वास्तविक अपराधियों की पहचान करना अधिक आसान होगा।
उन्होंने मोबाइल फारेंसिक वैन की उपयोगिता एवं इसमें उपलब्ध एडवांस तकनीकों की जानकारी देते हुए कहा कि अब अपराधी कानून की नजर से बच नहीं पाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई बार झूठी शिकायतों के कारण निर्दोश व्यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित जांच से बेगुनाहों को भी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल फारेसिंक वैन डायल-112 सेवा से भी जुड़ी रहेगी, जिससे घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई एवं वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जा सकेगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा ‘बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं।’
जिला पंचायत उपाध्यक्ष जशपुर शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन द्वारा जशपुर पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन उपलब्ध कराया जाना न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से अपराध जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा आमजन को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय दिलाने में बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों एवं संसाधनों का विस्तार कर रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस ‘परित्राणाय साधुनाम’ के मूल मंत्र के साथ अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल फारेंसिक वैन में उपलब्ध नए जेनरेशन की अत्याधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक उपकरण जशपुर पुलिस की कार्यक्षमता को और अधिक मजबूत करेंगे। इससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रह, विश्लेषण एवं प्रारंभिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधियों की पहचान एवं धरपकड़ पहले की तुलना में अधिक आसान और प्रभावी होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आधुनिक फारेंसिक वैन के माध्यम से अपराध जांच अधिक पारदर्शी, सटीक एवं वैज्ञानिक बनेगी तथा सटीक जांच और त्वरित न्याय की अवधारणा को वास्तविक रूप से मजबूती मिलेगी। नगरपालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार लगातार पुलिस एवं जांच व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य कर रही है। मोबाइल फारेंसिक वाहन के माध्यम से अब विभिन्न घटनाओं एवं अपराधों की वैज्ञानिक तरीके से प्रभावी जांच संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक फारेंसिक वैन से अपराध स्थलों पर साक्ष्यों का त्वरित एवं सुरक्षित संग्रह किया जा सकेगा, जिससे आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी एवं न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में कई मामलों में साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को लाभ मिल जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच प्रणाली के कारण ऐसा संभव नहीं होगा। आधुनिक फारेंसिक तकनीकों की सहायता से वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा और उन्हें कानून के तहत उचित सजा दिलाई जा सकेगी। उन्होंने इस पहल को न्याय व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सीईओ जिला पंचायत अभिषेक सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में अपराध घटित होने के बाद घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता था, जिससे साक्ष्यों के नष्ट होने अथवा दूषित होने की संभावना बनी रहती थी। साथ ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होने में भी काफी समय लग जाता था, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि मोबाइल फारेंसिक वैन की शुरुआत से अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रह एवं प्रारंभिक जांच संभव हो सकेगी। इससे साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित होगा तथा जांच प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनेगी। उन्होंने इस पहल को आधुनिक एवं सशक्त न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे अपराधों के त्वरित खुलासे में सहायता मिलेगी तथा दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
सलीम कुजूर फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी जशपुर ने बताया कि यह मोबाइल फारेंसिक वैन ‘लैब आँन व्हील्स’ की तर्ज पर तैयार की गई है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही त्वरित वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में फारेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह एवं फारेंसिक टीम की उपस्थिति अब अनिवार्य कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा लगभग ? 65 लाख प्रति यूनिट लागत से 32 मोबाइल फारेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिन्हें विभिन्न जिलों में तैनात किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक वैनों में फिंगरप्रिंट डिटेक्शन, डीएनए सैंपलिंग, डिजिटल फारेंसिक, नारकोटिक्स परीक्षण, बैलिस्टिक जांच, त्रस्क्र जांच, हाई-इंटेंसिटी लाइट, ष्ठस्रुक्र कैमरा, वीडियोग्राफी एवं साक्ष्य संरक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पहले घटनास्थल से साक्ष्य ले जाने में देरी होती थी, साक्ष्य दूषित होने की संभावना बनी रहती थी, प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी तथा रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता था, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती थी, अब मोबाइल फारेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच एवं परीक्षण संभव होगा। साक्ष्य सुरक्षित एवं संरक्षित रहेंगे, रिपोर्टिंग अधिक तेज एवं सटीक होगी तथा न्याय प्रक्रिया और अधिक त्वरित एवं सशक्त बनेगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान की शक्ति से सशक्त जांच और त्वरित न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक जांच, सटीक साक्ष्य, त्वरित न्याय एवं सुरक्षित समाज की अवधारणा को मजबूत करना है।
लैब आन व्हील्स-घटनास्थल से न्याय तक, घटनास्थल पर होगी वैज्ञानिक जॉंच
जशपुर पुलिस को शासन द्वारा आबंटित मोबाईल फॉरेंसिक वैन को जनप्रतिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना



