रायगढ़. जिले में विगत चार दिनों दिनों से फिर अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने लगी है, इससे मंगलवार को जिले का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था, लेकिन शाम होते ही तेज अंधड़ के साथ बुंदाबांदी ने तापमान तो कम कर दिया, लेकिन उमस बढ़ गया था, जिससे लोग देर रात तक परेशान रहे।
उल्लेखनीय है कि जिले में सुबह से ही सूर्यदेव अपना तेवर दिखाना शुरू कर दे रहे हैं। इसके चलते विगत तीन दिनों से लगातार तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही बीच-बीच में हल्की बादल आने के कारण उमस भी लगातार बढ़ रहा है, जो लोगों के सेहत के लिए नुकसान साबित हो रहा है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, प्रदेश के मध्य और उत्तरी भागों में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वर्तमान मौसमी गतिविधियों पर गौर करें तो, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही, दो द्रोणिकाएं भी अपना प्रभाव दिखा रही हैं। पहली द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर विस्तारित है, जबकि दूसरी द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से लक्षद्वीप तक 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में कल, 20 मई को मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, इन प्रणालियों के धीरे-धीरे कमजोर पडऩे और पश्चिमी हवाओं के असर से तापमान में उत्तरोत्तर वृद्धि दर्ज की जाएगी। विभाग ने नागरिकों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने और आवश्यक उपाय करने की सलाह दी है, विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने के लिए कहा गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
इस संबंध में जिला अस्पताल के डाक्टर प्रकाश चेतवानी ने बताया कि विगत तीन चार दिनों से उमस में काफी उतार चढ़ाव हो रहा है। जो सेहत के लिए काफी नुकसान दायक है। हालांकि इसके प्रकोप के चलते अब हर दिन अस्पताल में उल्टी दस्त के मरीज पहुंच रहे। इसका मुख्य कारण यह है कि लोग तेज धूप में घर से निकल रहे हैं और बगैर शरीर को राहत पहुंचाए ही ठंडे पेय का उपयोग कर लेते हैं, इससे उनके सेहत पर असर पड़ रहा है। साथ ही अभी जिस तरह से मौसम बन रहा है, इससे अगर नहीं बचा गया तो पिलिया, चिकन पाक्स जैसे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाएगा। इसको लेकर अब अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार के साथ-साथ बचाव के लिए भी समझाईश दी जा रही है।
शुगर-बीपी के मरीज रखे विशेष ख्याल
इस संबंध में डाक्टरों का कहना है कि इन दिनों बाजार में मौसमी फल आम, लिची व अन्य फलों से बाजार सज गया है। इससे शुगर-बीपी के मरीज इसका सेवन कर रहे हैं, जिससे उनका बीपी, शुगर बढऩे के साथ-साथ उमस व गर्मी से उनकी समस्या ज्यादा बढ़ रही है। ऐसे में इन गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों को खाद्य पदार्थ पर विशेष ध्यान देते हुए तेज धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए, साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन कर शरीर को राहत पहुंचाए, वहीं अगर किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, ताकि समय रहते उपचार हो सके।
मौसम के दिखे दो रंग
मंगलवार को सुबह से ही तेज धूप व उमस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन शाम के चार बजते ही अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज अंधड़ के साथ हल्की बारिश भी हुई। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट तो आई लेकिन उसके बाद मौसम में काफी उमस बढ़ गया, इससे लोग गर्मी व उसम से राहत पाने के लिए देर रात तक पार्कों में जमे रहे, लेकिन यहां भी उसम के चलते कुछ खास राहत नहीं मिली। हालंाकि जिस तरह से अभी मौसम हो रहा है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब फिर से जिला लू के चपेट में आ सकता है।



