रायगढ़। कांग्रेस द्वारा मूल्यवृद्धि को लेकर पेट्रोल पंप पर दिए गए धरना पर जिला भाजपा अध्यक्ष दीवान ने कहा धरने के पहले कांग्रेस अपने गिरेबान में झांक ले। जनता सब याद रखती है। कांग्रेस राज में पेट्रोल-डीजल के ‘सौतेले इतिहास का स्मरण कराते हुए जिला भाजपा ध्यक्ष अरूण धर दीवान ने कांग्रेसियों को 2004 से -2014 तक यूपीए का कार्यकाल स्मरण कराया। कांग्रेस राज में पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। डिब्बे लेकर लोग भटकते थे। आज 24 घंटे पंप खुले हैं,सप्लाई निर्बाध है। 1 दिन में 5 रुपये बढ़ाने वाली मनमोहन सरकार ने 2012 में एक झटके में पेट्रोल 7.54 रु/लीटर महंगा किया था। डीजल पर तो 10 साल तक कंट्रोल ही नहीं था। 2008 से 2014 तक डीज़ल 120त्न वृद्धि साथ 26 रु से 58 रु पहुंच गया। राजकोषीय घाटा कम रखन के लिए 1.44 लाख करोड़ के ऑयल बॉन्ड जारी कर दिए। यानी बाप कर्ज ले, बेटा चुकाए। मोदी सरकार आज भी कांग्रेस द्वारा लिए 2 लाख करोड़ का कर्ज ब्याज समेत चुका रही है। यदि ये कर्ज नहीं चुकाते तो आज पेट्रोल 150 रु लीटर होता। छत्तीसगढ़ में मची लूट का स्मरण कराते हुए दीवान ने कहा भूपेश सरकार ने 5 साल में पेट्रोल पर 28त्न ङ्क्रञ्ज वसूला जो पूरे देश में सबसे ज्यादा था। सेस के नाम पर 1 रु/लीटर अलग से वसूल कर जनता को लूटा, फिर केंद्र को कोसते रहे। युद्ध की वजह से तेल को लेकर वैश्विक संकट हो इसी बाद भी मोदी की नीतियों को लेकर भारत सबसे मजबूत है।आज रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास तनाव के कारण कच्चा तेल 90 डॉलर/बैरल पार कर गया। इसका असर पूरी दुनिया पर है। पर कांग्रेस को सिर्फ मोदी विरोध दिखता है। भारत के पड़ोसी देशों से पेट्रोल के दाम की तुलना करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष ने आम जनता को बताया कि भारत के मूल्य 95-105 रु/लीटर है वही पाकिस्तान में 290 रु/लीटर है इसके बाद भी वहां की जनता भीख मांग रही लेकिन तेल नहीं मिल रहा। श्रीलंका में 365 रु/लीटर है वहां दिवालिया होने की स्थिति है जनता तेल के लिए 10-10 घंटे लाइन में लग रही।
बांग्लादेश में 135 रु/लीटर है वहां सब्सिडी खत्म कर दी गई और जनता त्राहि-त्राहि कर रहीं नेपाल में 175 रु/लीटर है इसकी आपूर्ति भारत से होती हैं। यूरोप-अमेरिका का हाल बताते हुए दीवान ने कहा जर्मनी में 180 रु/लीटर वही, ्य में 190 रु/लीटर, स््र में 90 रु/लीटर है जबकि इन देशों के प्रति व्यक्ति आय 8 गुना अधिक है। मोदी ने सत्ता में आते हीरूस से सस्ता तेल 40 प्रतिशत छूट पर खरीदा। ह्रक्कश्वष्ट से लड़ा। एथेनॉल 20त्न ब्लेंडिंग शुरू की। नतीजा 2 साल से दाम स्थिर हैं। कांग्रेस होती तो अब तक 130 रु लीटर कर देती और बताती कि ‘मजबूरी है’।
जब देश पर संकट की बात आती है तो विपक्ष का ‘विधवा विलाप’ शुरू हो जाता है।युद्ध चल रहा है, दुनिया में मंदी है, तेल संकट हैड्ढ। ऐसे वक्त में विपक्ष का धर्म है सरकार के साथ खड़े होकर जनता को समझाना। पर कांग्रेस धरना-प्रदर्शन कर जनता को भडक़ाने का काम कर रही है। सरकार मुनाफा कमा रही इस आरोप को झूठा बताते हुए कहा केंद्र ने नवंबर 2021 और मई 2022 में 2 बार एक्साइज ड्यूटी घटाई पेट्रोल 13 रु, डीजल 16 रु सस्ता किया। छत्तीसगढ़ में हुए नाटक का जिक्र करते हुए बताया कि भूपेश सरकार ने केंद्र की कटौती के बाद भी व्हीएटी नहीं घटाया। उल्टा 25 हजार करोड़ का शराब-कोयला-महादेव ऐप घोटाला किया। वो पैसा जनता को देते तो पेट्रोल 5 रु सस्ता हो जाता। दीवान ने कहा आज धरना दे रहे शाखा यादव आपकी सरकार में 2019 में रायगढ़ में पेट्रोल 83 रु था, 2023 में 102 रु हुआ। 19 रु आपने बढ़ाए। तब धरना क्यों नहीं दिया? क्योंकि तब कुर्सी आपकी थी, दर्द जनता का था। धरना दोगे, नारे लगाओगे, पर एक बार बता दो – दाम कैसे कम होंगे? 2014 में 1.5 लाख करोड़ की सब्सिडी देकर देश को दिवालिया कर दिया। मोदी सरकार ने समाधान बताया कि उत्पादन बढ़ाओ, एथेनॉल मिलाओ, रूस से सस्ता तेल लाओ, सोलर-इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट करो। यही वजह है कि 10 साल में भारत की तेल निर्भरता 85त्न से 83 प्रतिशत हुई। कांग्रेस के राज में सिर्फ बढ़ी थी।
पाकिस्तान में 290 रु लीटर, भारत में 100 रु. फिर भी कांग्रेस को धरना सूझ रहा है भाजपा ने कहा विश्वास खो चुकी कांग्रेस
भाजपा का पलटवार- पेट्रोल पंप पर कांग्रेस का धरना, 60 साल लूटने वाले, 10 साल बचाने वालों से सवाल पूछ रहे हैं, कांग्रेस के पेट्रोल प्रलाप पर दीवान का पटलवार



