रायगढ़। भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने कहा कि आपदा के समय देशहित में त्याग और अनुशासन की अपील करना भारत के प्रधानमंत्रियों की गौरवशाली परंपरा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल की बचत, अनावश्यक विदेश यात्रा और सोना खरीद टालने की अपील इसी परंपरा का हिस्सा है। जिला भाजपा अध्यक्ष दीवान ने कहा, पीएम मोदी ने जो कहा है वो नाकामी नहीं, मेच्योर लीडरशिप है। 1965 में लाल बहादुर शास्त्री जी ने अन्न संकट में सप्ताह में एक दिन उपवास की अपील की थी। 1971 में इंदिरा गांधी जी ने शरणार्थी संकट में राशन बचाने को कहा। 1999 कारगिल युद्ध में अटल जी ने राष्ट्र रक्षा कोष में दान मांगा। 2004 सुनामी में डॉ. मनमोहन सिंह ने धैर्य और एकता की अपील की। 2020 कोविड में मोदी जी ने दीया जलाकर सामूहिक शक्ति का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि हर आपदा में प्रधानमंत्रियों ने देश से 3 चीजें मांगी अनुशासन, एकजुटता और त्याग। आज जब ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर संकट है, तब मेट्रो में चलना, कार पूलिंग करना, वर्क फ्रॉम होम अपनाना और गैर-जरूरी खर्च टालना ही सच्ची देशभक्ति है। जो नेता जनता को सिर्फ मुफ्तखोरी और भ्रम बेचते हैं, उन्हें अनुशासन की बात हमेशा बुरी लगती है।दीवान ने कहा राहुल गांधी को हर जिम्मेदार सलाह में नाकामी दिखती है क्योंकि उन्हें अर्थव्यवस्था से ज्यादा हेडलाइन की चिंता है।जिला भाजपा अध्यक्ष ने रायगढ़ की जनता से अपील की कि प्रधानमंत्री मोदी जी के आह्वान को अपनाएं। पेट्रोल बचाएं, ऊर्जा बचाएं, आयात घटाएं। यही आत्मनिर्भर भारत की असली नींव है।



