रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों में उस समय भारी आक्रोश व्याप्त हो गया जब श्रम सम्मान निधि पर दिसंबर 2025 से रोक लगा दी गई।
वर्षों से निगम में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें श्रम सम्मान निधि के रूप में मिलने वाली 4000 रुपए की राशि उनके परिवार के पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं दैनिक जरूरतों का महत्वपूर्ण सहारा थी, लेकिन प्रबंधन द्वारा इस राशि पर रोक लगाकर कर्मचारियों को आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि एक ओर कर्मचारियों की मेहनत और अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन आउटसोर्सिंग के माध्यम से नए कर्मचारियों की भर्ती कराने की तैयारी कर रहा है। संघ ने सवाल उठाया है कि जब आउटसोर्स कर्मचारियों को 15 हजार से 17 हजार रुपए प्रतिमाह देने के लिए प्रबंधन के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है, तब वर्षों से कम वेतन में सेवा दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को उचित वेतन एवं श्रम सम्मान निधि देने में आखिर समस्या क्या है?
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हड़ताल को कमजोर करने एवं शासन को गुमराह करने के लिए बीज भंडारण की फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि प्रदेश की अधिकांश समितियों में एक बोरी तक बीज का भंडारण नहीं हुआ है। कई स्थानों पर बीज उठाव, भंडारण एवं वितरण का कार्य पूरी तरह प्रभावित पड़ा हुआ है, लेकिन कागजों में सब कुछ सामान्य दर्शाया जा रहा है। अधिकारियों एवं प्रबंधकों पर दबाव बनाकर गलत रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है ताकि यह दिखाया जा सके कि हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से बीज निगम की पूरी व्यवस्था उन्हीं के भरोसे संचालित होती रही है। विपरीत परिस्थितियों में भी कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया, लेकिन आज जब वे अपने अधिकार एवं सम्मान की मांग कर रहे हैं तो प्रबंधन दमनात्मक रवैया अपना रहा है।
संघ की 2 प्रमुख मांगों में श्रम सम्मान निधि को पुन: प्रारंभ करना तथा वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा एवं उचित वेतनमान प्रदान करना शामिल है। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
संघ ने शासन से मांग की है कि बीज निगम की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत कर शासन को गुमराह करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों से राहत मिल सके।
बीज निगम दैवेभो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हडताल पर डटे
दो सूत्रीय मांग को लेकर कर रहे आंदोलन



