पखांजुर। सुशासन तिहार समाधान शिविर में आज भारी उत्साह और जनभागीदारी देखने को मिली। क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण अपनी-अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शिविर में पहुँचे, जहाँ प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों की समस्याएँ सुनी गईं। शिविर का उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुँचाना रहा। शिविर के दौरान राजस्व, पंचायत, बिजली, स्वास्थ्य, जल संसाधन, शिक्षा और अन्य विभागों सहित कुल विभिन्न विभागों में 86 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सडक़ निर्माण, पेयजल संकट, राशन कार्ड, आवास योजना, बिजली व्यवस्था और पेंशन संबंधी समस्याएँ प्रमुख रूप से शामिल रहीं। अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया, जबकि अन्य आवेदनों को जल्द कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में लगातार बनी हुई जल समस्या को लेकर सांसद भोजराज नाग ने नाराजगी जताई। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों की शिकायतों पर लापरवाही बरतने को लेकर फटकार लगाई। सांसद ने स्पष्ट कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं विधायक विक्रम उसेंडी और सांसद भोजराज नाग ने संयुक्त रूप से सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय गाँव-गाँव और आम जनता के बीच जाकर पात्र लोगों की पहचान करें, ताकि कोई भी गरीब परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। वहीं वर्षों से विकास की उम्मीद लगाए बैठे कंडारी पंचायत के सरपंच ने पंचायत के विकास के लिए लंबी मांग सूची प्रशासन के सामने प्रस्तुत की। आवेदन में सडक़, पुल-पुलिया, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा,जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
सरपंच ने बताया कि कंडारी पंचायत लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण आज तक कई सरकारी योजनाएँ गाँव तक नहीं पहुँच सकीं। ग्रामीण अब भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग की, ताकि वर्षों से उपेक्षित यह पंचायत भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस बार उनकी समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर भी दिखाई देगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि सभी आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी सुशासन तिहार समाधान शिविर में उमड़ी भीड़ और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता अब अपनी समस्याओं के समाधान और विकास की उम्मीद शासन-प्रशासन से मजबूती के साथ कर रही है।
सुशासन शिविर में उमड़ा जनसैलाब, पानी की समस्या पर सांसद का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों की आवाज बना सुशासन शिविर, 86 आवेदन में गूंजे सडक़-पानी के मुद्दे



