रायगढ़। शहर में ईसाई समुदाय द्वारा शासकीय भूमि पर चर्चनुमा भवन तैयार किया जा रहा था। जिसको लेकर मोहल्लेवासियों द्वारा विरोध जताने पर बजरंग दल के सदस्य भी मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल तोडऩे की मांग शुरू कर दी। इससे नजूल भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणाधीन भवन को तोड़ा गया है।
उल्लेखनीय है कि शहर के संत विनोबा नगर मोहल्ले में रहने वाले ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रार्थना करने के लिए चौक पर चर्चनुमा छोटे से भवन का निर्माण करा रहे थे। जिसको लेकर मोहल्लेवासियों द्वारा विरोध किया जा रहा था, लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य जारी था। ऐसे में मोहल्लेवासियों ने रविवार को इसकी सूचना बजरंग दल के सदस्यों को दी। इससे बजरंग दल के सदस्य वहां पहुंचे और मोहल्लेवासियों के साथ उक्त भवन को विरोध करने लगे। इस दौरान वहां हो रहे हंगामे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और तत्काल उक्त भवन को तोडऩे की मांग शुरू कर दी। ऐसे में लगातार बढ़ रहे हंगामे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाईश देना शुरू किया, लेकिन विरोध कर रहे लोगों ने उक्त भवन को तोडऩे पर अड़ गए। साथ ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कहना था कि शासकीय जमीन पर कब्जा कर पहले छोटा चबूतरा बनवाया गया था जिसे अब विस्तार कर बड़ा रूप दिया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। ऐसे में यदि प्रशासन उक्त निर्माण को नहीं तोड़ता है तो वे स्वयं जेबीसी लगाकर तोडेंगे। वहीं दूसरा पक्ष इसके तोडऩे की मांग को विरोध करने लगे। इससे प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाईश दी और मामले की जांच शुरू कर दी। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल जांच किया गया, जिसमें उक्त निर्माण अवैध पाए जाने पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
अंत में हटा अवैध निर्माण
इस मामले में रायगढ़ तहसीलदार शिवकुमार डनसेना ने बताया कि मामले में जांच पर यह बात सामने आया कि यह स्ट्रक्चर सरकारी भूमि पर बन रहा है। ऐसे में जेसीबी से अवैध कब्जा को हटवाया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन भवन में चर्च जैसा तो कुछ नहीं मिला और इसे भवन ही कहा जा सकता है। फिलहाल अवैध कब्जा को हटाते हुए जांच की जा रही है।
भरी दोपहर भर चलता रहा प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जहां लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं तो वहीं चर्च के अवैध निर्माण की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे। साथ ही पूरे दिन तेज धूप के बावजूद लोग जमे रहे। वहीं लोगों का कहना था कि जब तक उक्त निर्माण को नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। इसके साथ ही अब लोगों का आक्रोश प्रशासन के ऊपर भी बढऩे लगा था। जिसको देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।



