पखांजूर। देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभियानों में शामिल जनगणना 2027 को लेकर पखांजूर में व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दूसरे चरण के तहत पर्यवेक्षकों और प्रगणकों का सघन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सोमवार को 100 प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें उन्हें जमीनी स्तर पर कार्य के लिए पूरी तरह तैयार किया गया। जनगणना का पहला चरण 1 मई से मकानों की गणना के साथ शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण 1 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों की सटीक जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत या अधूरी जानकारी देने पर कानूनी प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। प्रशिक्षण में जनगणना की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। प्रपत्रों के सही संधारण से लेकर घर-घर जाकर आंकड़ों के सटीक संकलन तक हर पहलू पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, क्षेत्रीय परिस्थितियों में कार्य करने की रणनीति और व्यवहारिक चुनौतियों से निपटने के तरीके भी बताए गए, ताकि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। मास्टर ट्रेनर्स कृष्णपाल राणा, प्रणव किर्तनीय, राजेश पाल और उत्तम मंडल ने अपने अनुभव के आधार पर प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि जनगणना का हर आंकड़ा देश की नीतियों और योजनाओं को प्रभावित करता है, इसलिए सटीकता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार केतन भोयर की उपस्थिति भी रही। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास का आधार है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं बनाई जाती हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे इस जिम्मेदारी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी के रूप में निभाएं। ईमानदारी, सटीकता और समयबद्धता ही जनगणना की सफलता की कुंजी है। पखांजूर में चल रहा यह प्रशिक्षण न केवल प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि जनगणना 2027 के आंकड़े विश्वसनीय, पारदर्शी और उपयोगी हों, जो आने वाले समय में विकास की दिशा तय करेंगे।
घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, पखांजूर में सर्वे के लिए तैयार हुए प्रगणक
जनगणना 2027 पखांजूर में सशक्त प्रशिक्षण, विकास को मिलेगी नई दिशा



